सिरसा 26 मई (आरएनएस)। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को घर-द्वार पर पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई 1962 मोबाइल वेटरनरी सेवा अब लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। जिले में संचालित मोबाइल यूनिट्स गांव-गांव पहुंचकर पशुओं का उपचार, प्राथमिक जांच और आवश्यक परामर्श प्रदान कर रही हैं, जिससे पशुपालकों को काफी सुविधा मिल रही है। इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. संदीप ने बताया कि विभाग द्वारा गांव स्तर पर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के तहत पशुपालकों को संतुलित आहार, नियमित टीकाकरण, साफ-सफाई, रोग नियंत्रण एवं आधुनिक पशुपालन तकनीकों की जानकारी दी जाती है, ताकि वे पशुपालन से अधिक लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि इस सेवा के माध्यम से अब पशुपालकों को इलाज या आपात स्थिति में पशुओं को दूर अस्पताल ले जाने की परेशानी से राहत मिली है। गांव में ही समय पर उपचार मिलने से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि आर्थिक रूप से भी लाभ मिल रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार हजारों पशुओं को इस सेवा के जरिए स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और पशुपालकों की सुविधा के लिए लगातार जनहितकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। 1962 मोबाइल वेटरनरी सेवा भी सरकार की ऐसी ही एक सराहनीय पहल है, जिसके माध्यम से गांव-गांव तक तेज, सरल और प्रभावी पशु स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। इससे पशुपालकों को समय पर उपचार, उचित सलाह और बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे उनमें सरकार के प्रति विश्वास और संतोष बढ़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि 1962 मोबाइल वेटरनरी सेवा शुरू होने के बाद पशुओं का इलाज पहले की तुलना में अधिक आसान और सुलभ हो गया है। यही वजह है कि यह सेवा अब जिले के पशुपालकों के बीच विश्वास और राहत का प्रतीक बनती जा रही है।
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