नई दिल्ली,27 मई(आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन को बड़ी राहत देते हुए राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के जून, 2022 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें ई-कॉमर्स कंपनी के फ्यूचर समूह के साथ सौदे को निलंबित करने के भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के फैसले के खिलाफ अपील की गई थी.
यह आदेश जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने पास किया. बेंच ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के 17 दिसंबर, 2021 के आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें अमेजन पर 202 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था और फ्यूचर के साथ उसकी डील सस्पेंड कर दी गई थी.
बेंच ने कहा, ऊपर दर्ज नतीजों को देखते हुए, अपील मंजूर की जाती है. राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) का 13 जून, 2022 का विवादित फैसला और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) का 17 दिसंबर, 2021 का आदेश रद्द किया जाता है.
सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के जून 2022 के आदेश को चुनौती देने वाली अमेजन की याचिका पर दिया.
बेंच ने साफ किया कि अगर इन आदेश के तहत अमेजन से कोई रकम जमा की गई या वसूली गई, तो उसे आठ हफ्ते के अंदर वापस कर दिया जाना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर आठ हफ्ते के अंदर रिफंड नहीं किया जाता है, तो बची हुई रकम पर आठ हफ्ते खत्म होने से लेकर भुगतान की तारीख तक 9 प्रतिशत सालाना की दर से साधारण ब्याज लगेगा.
यह विवाद भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा अमेजऩ. कॉम एनवी इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स एलसीसी के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई से शुरू हुआ था. यह कार्रवाई 2019 में फ्यूचर कूपन्स प्राइवेट लिमिटेड में उसके निवेश को लेकर हुई थी, जो फ्यूचर रिटेल लिमिटेड की प्रमोटर कंपनी है. नवंबर 2019 में, सीसीआई ने एफसीपीएल में अमेजन की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दी थी.
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