तेहरान/वॉशिंगटन ,28 मई ,। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। इसी बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (ढ्ढक्रत्रष्ट) ने दावा किया है कि उसने बंदर अब्बास पोर्ट के पास हुए कथित अमेरिकी हमलों के जवाब में एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की है। हालांकि, ढ्ढक्रत्रष्ट ने यह स्पष्ट नहीं किया कि हमला किस अमेरिकी बेस पर किया गया।
तसनीम समाचार एजेंसी के मुताबिक, ढ्ढक्रत्रष्ट ने गुरुवार को कहा कि स्थानीय समयानुसार सुबह 4:50 बजे बंदर अब्बास पोर्ट के पास हुए अमेरिकी हमले के बाद जवाबी कार्रवाई की गई। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस तरह के हमले दोहराए गए तो उसकी प्रतिक्रिया और अधिक निर्णायक और घातक होगी।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अपने बयान में कहा कि किसी भी आगे की कार्रवाई के गंभीर परिणाम होंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी हमलावर पक्ष की होगी।
इस बीच, क्षेत्रीय तनाव का असर पड़ोसी देशों पर भी दिखाई देने लगा है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि उसकी ओर दागी गई मिसाइलों और ड्रोन (्रङ्कह्य) को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया जा रहा है। हालांकि, मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये मिसाइलें और ड्रोन किस ओर से दागे गए थे।
इससे पहले बुधवार रात अमेरिका ने ईरान के भीतर एक और हवाई हमला किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थानीय समयानुसार रात करीब 1:30 बजे ईरान के बंदर अब्बास शहर के पूर्वी हिस्से में तीन विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
रॉयटर्स के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी सेना ने रातभर ईरान में कई ठिकानों को निशाना बनाया। अधिकारी के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ऐसे सैन्य ठिकानों को निष्क्रिय करना था जिन्हें अमेरिकी सेना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा माना जा रहा था। अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई।
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