हल्द्वानी 28 मई (आरएनएस)। ईदगाह समेत शहर की तमाम मस्जिदों में हजारों मुस्लिम भाइयों ने ईद-उल-अज़हा की नमाज़ अदा कर मुल्क और कौम की सलामती, अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआएँ मांगीं। नमरा मस्जिद में मौलाना अकरम, मस्जिद उमर में मौलाना मुकीम कासमी, जामा मस्जिद में शहर इमाम ने नमाज़ अदा कराई। वही ईदगाह में शहर काज़ी हजऱत मौलाना शेख मोहम्मद आज़म क़ादरी बरेलवी ने ईद की नमाज़ अदा कराई। नमाज़ के बाद उन्होंने देश भारत, विशेष रूप से शहर हल्द्वानी में अमन-ओ-अमान, भाईचारे और तरक्की के लिए खास दुआ की। अपने खिताब में शहर काज़ी ने कहा कि ईद-उल-अज़हा केवल जानवर की कुर्बानी का पर्व नहीं है, बल्कि यह त्याग, सब्र और अल्लाह की रज़ा के लिए अपनी इच्छाओं को कुर्बान करने का पैगाम देता है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि इस मुबारक मौके पर सच्चे दिल से तौबा करें और अपने गुनाहों की भी कुर्बानी दें। साथ ही समाज में मोहब्बत, इंसानियत और भाईचारे को बढ़ावा दें। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी, जिसके बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ।
गुरुवार को ईद-उल-अज़हा (बकरीद) का पर्व भारी पुलिस सुरक्षा और हाई अलर्ट के बीच शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। सुबह निर्धारित समय पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शहर की मस्जिदों और ईदगाहों में ईद की नमाज़ अदा की। नमाज़ के बाद उलेमाओं ने कुर्बानी की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए देश-दुनिया में अमन, शांति और भाईचारे के लिए विशेष दुआएं कीं। प्रशासन की अपील का पालन करते हुए कहीं भी सड़कों पर नमाज़ नहीं पढ़ी गई और कुर्बानी निर्धारित स्थानों पर ही की गई। बनभूलपुरा क्षेत्र में दिनभर रौनक और उत्साह का माहौल रहा। लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी, जबकि घरों में स्वादिष्ट पकवान बनाए गए। त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन लगातार निगरानी में जुटा रहा।
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