० नशामुक्ति, योग, दिव्यांग सहायता और पेंशन योजनाओं से हजारों लोगों को मिल रहा लाभ
बीजापुर, 28 मई (आरएनएस)। जिला बीजापुर में समाज कल्याण विभाग एवं विभिन्न संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से नशामुक्ति, योग, दिव्यांग पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
नशामुक्ति केन्द्र से 112 लोगों को मिली नई जिंदगी
गुण्डाधुर सेवा संस्थान समिति द्वारा 12 दिसम्बर 2024 से जिले में नशामुक्ति केन्द्र संचालित किया जा रहा है। केन्द्र में नशे की लत से ग्रसित लोगों का उपचार अनुभवी डॉक्टरों और काउंसलर्स की देखरेख में किया जा रहा है। यहां योग, ध्यान, थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श और मेडिकल उपचार के माध्यम से पीडि़तों के व्यवहार एवं जीवनशैली में सुधार लाया जा रहा है। अब तक कुल 112 हितग्राहियों को नशे से मुक्त कराया जा चुका है।
योग बना सकारात्मक बदलाव का माध्यम-
बीजापुर जिले में योग जनजागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली का मजबूत आधार बनकर उभरा है। छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में लगातार योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित कर विभिन्न ग्राम पंचायतों, आश्रम-शालाओं और छात्रावासों में योग प्रशिक्षण के लिए नियुक्त किया गया है। जिले के स्कूलों और आश्रम-छात्रावासों में बच्चों को नियमित योगाभ्यास कराया जा रहा है, जिससे उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास में सुधार हो रहा है तथा पढ़ाई के तनाव से भी राहत मिल रही है। सार्वजनिक स्थलों पर भी नियमित योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
दिव्यांगजनों को मिल रहे सहायक उपकरण
समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए पात्रतानुसार विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें बैटरी ट्रायसायकल, व्हील चेयर, बैशाखी, श्रवण यंत्र, ट्रायसायकल एवं अन्य उपकरण शामिल हैं। इन उपकरणों से दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बन रहे हैं और अपने दैनिक कार्य स्वयं करने में सक्षम हो रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले में ट्रायसायकल-13, बैटरी चलित ट्रायसायकल-11, व्हील चेयर-26, बैशाखियां-251, वाल्किंग स्टिक-185, श्रवण यंत्र-135, ब्रेल केन-08 सहित विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं।
विशेष विद्यालय और पुनर्वास केन्द्र से बच्चों को लाभ-
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित बौद्धिक मंद बालक विशेष विद्यालय बीजापुर में वर्तमान में 18 छात्र आवासीय शिक्षण-प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। वहीं समर्थ जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र के माध्यम से आस्थि बाधित, श्रवण बाधित एवं अन्य दिव्यांग बच्चों को समावेशी शिक्षा के तहत अध्ययन कराया जा रहा है। इन बच्चों को फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी एवं क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट के माध्यम से नि:शुल्क उपचार और प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। साथ ही जिला प्रशासन के निर्धारित मेन्यू अनुसार पौष्टिक भोजन एवं नाश्ता उपलब्ध कराया जाता है।
पेंशन योजनाओं से 12 हजार से अधिक हितग्राही लाभान्वित-
सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में वर्तमान में कुल 12 हजार 379 हितग्राही विभिन्न पेंशन योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। वृद्धजन, दिव्यांगजन, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह 500 रुपये की पेंशन राशि प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायता मिल रही है।
थर्ड जेंडर और यूडीआईडी कार्ड पर भी कार्य जारी- जिले में कुल 13 थर्ड जेंडर हितग्राही चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 5 का पहचान पत्र ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बनाया जा चुका है तथा शेष प्रक्रिया प्रगति पर है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में शिविरों एवं जिला चिकित्सालय के माध्यम से 176 दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा 79 यूडीआईडी कार्ड जारी किए गए हैं।
दिव्यांग विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति-
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के विभिन्न विद्यालयों में अध्ययनरत 839 दिव्यांग छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है, जिससे उनकी शिक्षा को प्रोत्साहन मिल रहा है।
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