भोपाल 28 मई (आरएनएस)। हमीदिया अस्पताल की मॉच्र्युरी (शवगृह) के बाहर स्ट्रेचर पर शव का पोस्टमॉर्टम कर दिया गया। बगल के रास्ते से आजावाही जारी रही। डॉक्टर ने छेनी-हथौड़ी से शव की खोपड़ी खोल दी। वहां मौजूद लोग और मरीजों के परिजन इस चीर-फाड़ को देखते रहे। जब बदबू फैली तो दूर भागे।
दरअसल, बजरिया थाना क्षेत्र से पुलिस एक व्यक्ति का शव पोस्टमॉर्टम के लिए हमीदिया अस्पताल लेकर आई थी। उसकी पहचान नहीं हो पाई थी, लेकिन शव को एम्बुलेंस से उतारकर मॉच्र्युरी के अंदर ले जाने के बजाय अंदर जाने वाले रास्ते पर ही रख दिया गया।
इसके बाद दो डॉक्टरों ने बिना किसी परदे या शेड के नीचे स्ट्रेचर पर ही शव का पोस्टमॉर्टम (चीर-फाड़) शुरू कर दिया।
मामले में गांधी मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभाग के एचओडी डॉ. आशीष जैन ने कहा- कुछ विशेष मामलों में शवों का पोस्टमॉर्टम मॉच्र्युरी के बाहर बने शेड वाले एरिया में किया जाता है, जबकि सामान्य प्रक्रिया वाले पोस्टमॉर्टम अंदर ही होते हैं। खुले एरिया में केवल शवों की सफाई की जाती है।
एचओडी ने दावा किया कि बाहर सिर्फ शव की सफाई या कीड़े हटाए जाते हैं, लेकिन वीडियो में साफ दिख रहा है कि डॉक्टर सीधे स्ट्रेचर पर ही पोस्टमॉर्टम कर रहे हैं। शव को भी मॉच्र्युरी के मुख्य रास्ते पर खुले में रखा गया था, जहां से लोगों की आवाजाही हो रही थी।

