भोपाल,30 मई(आरएनएस)। गांधीनगर क्षेत्र में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नशीले कफ सिरप नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। नाबालिगों और युवाओं को नशे की दलदल में धकेलने वाले मास्टरमाइंड अकील खान समेत 10 को गिरफ्तार किया है। इनमें 3 नाबालिग भी शामिल हैं।
अकील ने 9 लोगों को अपनी टीम में रखा था। सभी लोगों की अलग-अलग जिम्मेदारियां तय थीं। कोई माल सप्लाई करता था, तो कोई पैकेजिंग करता था। गांधीनगर स्थित डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी और मुबारकपुर को कफ सिरप नेटवर्क का हब बना लिया गया था।
एसटीएफ के डीआईजी राहुल लोढ़ा के मुताबिक, सिटी कॉलोनी से भोपाल के अलग-अलग इलाके और आसपास के जिलों में सप्लाई की जाती थी। नेटवर्क का मास्टरमाइंड अकील खान गाडिय़ों की लोडिंग और सप्लाई को मैनेज करता था। पूरे अवैध कारोबार पर उसका पूरा नियंत्रण था।
एसटीएफ के मुताबिक, गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी के एक मकान पर छापा मारा गया था। इस कार्रवाई में करीब 50 हजार बोतल नशीला कफ सिरप बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपए बताई जा रही है।जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क एक संगठित तरीके से तीन अलग-अलग टीमों में काम कर रहा था। हर टीम को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं, ताकि पुलिस और प्रशासन की नजरों से बचा जा सके। मुख्य आरोपी अकील खान और उसके दो साथी इस नेटवर्क के सबसे अहम सदस्य थे।
अकील खान अपने 3 साथियों के साथ नशीले कफ सिरप को भोपाल शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सप्लाई करने का काम करते थे। इसके लिए लोडिंग वाहनों का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे माल को आसानी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जा सके।नेटवर्क की दूसरी टीम में चार अन्य आरोपी शामिल थे, जिनका काम सिरप के स्टॉक को संभालना, एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना और उसकी पैकेजिंग बदलना था। यह लोग लगातार लोकेशन बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश करते थे। यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।
एसटीएफ ने बताया कि अवैध कारोबार में नाबालिगों का इस्तेमाल किया जा रहा था। तीन बच्चों से कफ सिरप की पैकेजिंग, रैपर बदलने और माल को व्यवस्थित करने जैसे काम कराए जाते थे। बच्चों को इस अवैध नेटवर्क में धकेला गया था। स्ञ्जस्न को असली जिम्मेदारों की तलाश है।
आरोपी कफ सिरप के असली रैपर हटाकर दूसरे रैपर चढ़ा देते थे, ताकि इसकी पहचान छिपाई जा सके। इसके बाद माल को बाजार में सप्लाई किया जाता था। इस तरीके से बड़ी मात्रा में नशीले सिरप को भोपाल और आसपास के जिलों में खपाया जा रहा था। बरामद सिरप के सैंपल को लैब में भेजा गया है।
गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर एसटीएफ की टीम मुबारकपुर क्षेत्र में लगातार सर्चिंग कर रही है। अधिकारियों को आशंका है कि वहां भी बड़ी मात्रा में अवैध कफ सिरप और उससे जुड़े अहम सबूत मिल सकते हैं। अब पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन को जोड़ा जा रहा है।
मामले में दो आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने दो विशेष टीमें बनाई हैं, जो लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। तकनीकी निगरानी और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए उनकी तलाश जारी है। उनकी गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई केवल एक मकान या एक जगह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे राज्य में फैला हुआ एक संगठित अवैध नेटवर्क है। अब जांच इस दिशा में आगे बढ़ रही है कि यह नशीला कफ सिरप कहां से आता था, किसके माध्यम से इसकी पैकेजिंग होती थी और किन-किन जिलों में इसकी सप्लाई की जाती थी।

