भोपाल31 मई (आरएनएस)।शहर के सभी जल स्त्रोतों में पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध है और नगर निगम द्वारा ग्रीष्म ऋतु में शहर के नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा तथा किसी भी प्रकार की पानी की कमी नहीं होने दी जाएगी। यह विचार महापौर परिषद में जलकार्य एवं सीवरेज विभाग के प्रभारी सदस्य व भाजपा जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति ने रविवार को अपर आयुक्त तन्यम वशिष्ट शर्मा की उपस्थिति में निगम मुख्यालय अटल भवन के सभाकक्ष में जलकार्य विभाग की समीक्षा करते हुए व्यक्त किए। यति ने शहर के प्रमुख मज़दूर शेडों (पीठों) पर ठंडे पानी की व्यवस्था स्टॉल के माध्यम से करने, पाईप लाइनों से सीधे मोटर लगाने वालों के विरुद्ध सख्ती के साथ कार्यवाही करते हुए मोटर्स जप्त करने, जनप्रतिनिधियों से निरंतर संवाद करने, विद्युत वितरण कंपनी सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने, वर्तमान जल प्रदाय व्यवस्था के साथ ही आवश्यकता पडऩे पर वैकल्पिक कार्य योजना तैयार कर क्रियान्वित करने, सीएम हेल्पलाइन एवं महापौर हेल्पलाइन की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निराकृ त करने को कहा। श्री यति ने जलकार्य विभाग के सभी इंजीनियर्स को फील्ड पर मौजूद रहकर जनप्रदाय व्यवस्था पर सतत निगरानी रखने और कहीं भी किसी भी प्रकार की समस्या यदि उत्पन्न होती है तो तत्काल उसका निराकरण करने तथा वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत कराने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग, नगर यंत्री जेड ए खान सहित जलकार्य विभाग के सहायक यंत्रीगण, उपयंत्री व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
रविंद्र यती ने कहा कि शहर में विभिन्न विकास कार्यों से संलग्न विभागों के अधिकारियों से समन्वय बनाकर कार्य करने और कार्य के दौरान होने वाले लीकेज या क्षतिग्रस्त होने वाली पाइप लाइनों को तत्काल सुधार कराए और विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों से भी समन्वय बनाकर विद्युत प्रदाय की व्यवस्था इस प्रकार सुनिश्चित कराएं कि पंप हाउस या अन्य जलप्रदाय से संबंधित संयंत्रों पर बिजली कम से कम बाधित हो ताकि शहर में पर्याप्त मात्रा में जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
रविन्द्र यति ने नागरिकों की सुविधा के दृष्टिगत निगम द्वारा बनाए प्याऊं की आवश्यकता अनुसार साफ सफाई मरम्मत कराने और स्थाई व अस्थाई प्याऊ पर पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, यदि कहीं आवश्यकता होती है तो उन स्थानों पर टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित करने तथा वर्तमान जलप्रदाय व्यवस्था के साथ ही वैकल्पिक जलप्रदाय व्यवस्था भी तैयार करने और आवश्यकता पडऩे पर इसे क्रियान्वित भी करने को कहा।

