जशपुर 1 जून (आरएनएस)। कानून-व्यवस्था से लेकर अपराध विवेचना और रात्रिकालीन गश्त तक, अब जशपुर के विभिन्न थानों में पुलिसिंग की असली पाठशाला सजने जा रही है। पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ द्वारा जिले को 13 नए प्रशिक्षु उप निरीक्षक सौंपे गए हैं, जिन्हें मैदानी और व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग थाना क्षेत्रों में तैनात किया गया है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने इन प्रशिक्षु अधिकारियों की पदस्थापना कर प्रशिक्षण की विस्तृत रूपरेखा तय कर दी है।
प्रशिक्षु उप निरीक्षक अब सीधे थानों में रहकर पुलिस विभाग की जमीनी कार्यप्रणाली को नजदीक से समझेंगे। उन्हें कानून-व्यवस्था संधारण, अपराध जांच, जनसंपर्क, पुलिस प्रशासन और फील्ड पुलिसिंग की बारीकियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। अनुभवी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के मार्गदर्शन में वे वास्तविक परिस्थितियों में काम कर पुलिस सेवा की चुनौतियों और जिम्मेदारियों को समझेंगे।
जारी आदेश के अनुसार संतोष कुमार चौरसिया को तपकरा, राजकुमार को कांसाबेल, नीलमणी निषाद को कुनकुरी, जय प्रकाश को पत्थलगांव, संतोष कुमार वर्मा को नारायणपुर, शेखर सिंह राजपूत को लोदाम, जितेंद्र साहू और विम्बलेश्वरी मरकाम को जशपुर, शेषनारायण दीवान एवं माधुरी वर्मा को बगीचा, मोहन लाल मरकाम को बागबहार तथा देविका लक्ष्मी मरकाम को कुनकुरी थाना में प्रशिक्षण हेतु पदस्थ किया गया है।
नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षुओं को बीट ड्यूटी, संत्री ड्यूटी, रात्रि गश्त, सिटी पेट्रोलिंग, मुलजिम पेशी, कोर्ट कार्यवाही, मालखाना प्रबंधन और थाना संचालन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का प्रशिक्षण मिलेगा। इससे वे भविष्य में बेहतर, संवेदनशील और जिम्मेदार पुलिस अधिकारी के रूप में तैयार हो सकेंगे।
डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि यह व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रशिक्षु अधिकारियों के व्यक्तित्व और पेशेवर दक्षता को नई दिशा देगा। बहरहाल, जशपुर पुलिस की यह पहल आने वाले समय में जिले को प्रशिक्षित, संवेदनशील और अधिक प्रभावी पुलिस नेतृत्व देने की मजबूत नींव साबित हो सकती है।

