सिरसा 2 जून (आरएनएस)। समस्त स्वर्णकार समाज की ओर से बेगू रोड स्थित सोनी धर्मशाला में 31 मई से 6 जून तक आयोजित की जा रही संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचिका डा. राधिका दीदी ने भक्त प्रह्लाद, नरसिंह अवतार और महात्मा विदुर के चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि इनकी कथाएं सनातन धर्म में भक्ति, ज्ञान और ईश्वर के हर जगह मौजूद होने का संदेश देती हैं। श्रीमद्भागवत और महाभारत में इन तीनों प्रसंगों का बहुत ही विस्तृत और प्रेरणादायक वर्णन किया गया है। उन्होंने प्रह्लाद चरित्र और भगवान नरसिंह अवतारभक्ति का वर्णन करते हुए बताया कि सतयुग में असुरराज हिरण्यकशिपु का पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था। पिता के लाख अत्याचार करने और जान से मारने की कोशिश करने पर भी प्रह्लाद ने हरि का नाम नहीं छोड़ा। हर बार प्रभु की कृपा से उनकी रक्षा हुई। नरसिंह अवतार का वर्णन करते हुए कथावाचिका ने कहा कि अहंकारी हिरण्यकशिपु को ब्रह्माजी से यह वरदान प्राप्त था कि वह न किसी मनुष्य-पशु से, न दिन-रात में, न घर-बाहर, न धरती-आकाश, और न किसी अस्त्र-शस्त्र से मारा जा सकता है। अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए भगवान विष्णु आधे नर और आधे सिंह (नरसिंह) के रूप में खंभे से प्रकट हुए। उन्होंने वरदान की सभी शर्तों का पालन करते हुए गोधूलि बेला (संध्याकाल) में, चौखट पर, अपनी जांघों पर लिटाकर, नाखूनों से हिरण्यकशिपु का वध कर दिया। आगे विदुर चरित्र बारे कथावाचिका ने बताया कि विदुर जी धर्मराज (यमराज) के अवतार थे। महर्षि मांडव्य के श्राप के कारण उन्हें दासी पुत्र के रूप में जन्म लेना पड़ा था। वे महाभारत काल में हस्तिनापुर के महामंत्री थे। विदुर जी अपनी बुद्धिमत्ता और निष्पक्ष सलाह के लिए जाने जाते थे (जिसे ‘विदुर नीतिÓ कहते हैं)। वे भौतिक ऐश्वर्य से दूर सादा जीवन जीते थे। जब श्रीकृष्ण महाभारत का युद्ध टालने के लिए हस्तिनापुर शांतिदूत बनकर गए, तो वे दुर्योधन के महलों में न रुककर सीधे अपने परम भक्त विदुर जी की कुटिया में गए। विदुर जी के घर न होने पर विदुरानी ने प्रेम में श्रीकृष्ण को अनजाने में छिलके तक खिला दिए थे। प्रसाद वितरण के साथ ही दूसरे दिन की कथा को विश्राम दिया गया। संजय सोनी ने बताया कि कथा 31 मई से 6 जून तक चलेगी। कथा का समय सांय 03.15 बजे से सांय 6.15 बजे तक रहेगा। 07 जून को पूर्ण आहूति व भंडारा होगा। उन्होंने समस्त शहरवासियों से आह्वान किया कि समयानुसार कार्यक्रम में आकर कथा का श्रवण कर पुण्य के भागी बनें। इस मौके पर विशेष रूप से पधारे, फतेहाबाद से प्रवीण सोनी जोड़ा जिलाध्यक्ष फतेहाबाद भाजपा, सोनी धर्मशाला के प्रधान सोनू गोरीवाला, तहसील प्रधान गजानंद सोनी सिरसा, रतन सोनी,लीलाधर सोनी, संजय सोनी, कृष्ण सोनी, सुरजीत सोनी, सतपाल सोनी, प्रमोद सोनी, रामप्रताप सोनी, मदन सोनी, विकास सोनी, चिरंजीलाल सोनी, राजू सोनी, रामकिशन सोनी, मनोज सोनी, काशीराम सोनी सहित स्वर्णकार समाज के अनेक महानुभाव उपस्थित थे।
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