_राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने विभागीय योजनाओं की प्रगति परखी, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश_
सिवनी 2 जून (आरएनएस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मंगलवार को अपने अधिकृत प्रवास के दौरान विकासखंड घंसौर पहुंचकर विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, मानवाधिकार संरक्षण एवं समाज के कमजोर वर्गों के हित में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। जनपद पंचायत घंसौर के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने शिक्षा, जनजातीय कार्य, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, श्रम सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की जानकारी लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंजली शाह, अपर कलेक्टर सुनीता खंडायत, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, एसडीओपी सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कोविड अनाथ बच्चों के संरक्षण पर विशेष फोकस
समीक्षा के दौरान श्री कानूनगो ने कोविड-19 महामारी के दौरान माता-पिता को खो चुके बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा, आर्थिक सहायता और संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने ऐसे बच्चों की पहचान कर नियमित निगरानी रखने तथा उन्हें शासन की सभी पात्र योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे।
छात्रवृत्ति और जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं की पहुंच बढ़ाने के निर्देश
बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को दी जा रही छात्रवृत्ति, छात्रावास, शिक्षा एवं कौशल विकास योजनाओं की समीक्षा की गई। श्री कानूनगो ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र विद्यार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिले तथा दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जाए।
दिव्यांगजनों को सरल प्रक्रिया से मिले सुविधाएं
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने दिव्यांगजनों को जारी प्रमाण-पत्र, पेंशन, सहायक उपकरण एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि पात्र दिव्यांगजनों को सभी योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और सुगम प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराया जाए।
महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कुपोषण मुक्ति अभियान, आंगनबाड़ी सेवाएं, गर्भवती एवं धात्री माताओं को मिलने वाली सुविधाएं तथा महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा की गई। श्री कानूनगो ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं और बच्चों से संबंधित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा सिकल सेल उन्मूलन अभियान की प्रगति का अवलोकन किया गया। उन्होंने आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी लाने, दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने तथा सिकल सेल रोग के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया।
श्रमिकों तक पहुंचे हर योजना का लाभ
श्रम विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं श्रमिक हितों के संरक्षण की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र श्रमिक तक पहुंचना चाहिए।
मानवाधिकार संरक्षण सुशासन की आधारशिला
बैठक में बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों तथा समाज के अन्य कमजोर वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा हुई। श्री कानूनगो ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा केवल संवैधानिक दायित्व नहीं बल्कि सुशासन की आधारशिला है। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और नागरिकों में व्यवस्था के प्रति विश्वास कायम रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक के अंत में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों और प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की, जिस पर श्री कानूनगो ने आवश्यक मार्गदर्शन देते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश प्रदान किए।
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