देहरादून 3 जून (आरएनएस)। आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए स्थानीय समुदायों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञ वक्ताओं ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र सदियों से प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ दशकों में अपनाए गए विकास मॉडल ने जोखिम को कई गुना बढ़ा दिया है। कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि हिमालय केवल पहाड़ी राज्यों की धरोहर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की जल सुरक्षा, जैव विविधता और आजीविका का आधार है। वक्ताओं ने बताया कि आपदा प्रबंधन का सबसे प्रभावी तरीका राहत कार्य नहीं, बल्कि पूर्व तैयारी है। कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि हिमालय केवल पहाड़ी राज्यों की धरोहर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की जल सुरक्षा, जैव विविधता और आजीविका का आधार है।
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