महासमुंद 3 जून (आरएनएस) ग्रामीणों तक पानी पहुंचाने के लिए लगाई गई सरकारी नल-जल योजना पर चोरों ने ऐसा वार किया कि पूरी व्यवस्था को नुकसान पहुंच गया, लेकिन पुलिस की तेज जांच, साइबर निगरानी और सक्रिय मुखबिर तंत्र ने आखिरकार पूरे गिरोह को बेनकाब कर दिया। महासमुंद जिले की भंवरपुर चौकी पुलिस ने नल-जल योजना के लोहे के पाइप चोरी करने वाले 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और चोरी गए पाइपों में से 4 नग लोहे के पाइप, जिनकी कीमत करीब 50 हजार रुपये है, बरामद कर लिए हैं।
मामला सरायपाली क्षेत्र के ग्राम ललितपुर का है, जहां नल-जल योजना के तहत पानी टंकी निर्माण और पाइप फिटिंग का कार्य चल रहा था। प्रार्थी सुनील अग्रवाल की शिकायत पर दर्ज मामले में पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि घटना वाली रात कुछ युवकों ने पानी टंकी के पास रहने वाले एक व्यक्ति से पाना-पेंचिस मांगा था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने टिकेलाल पिता होरीलाल दीवान (25 वर्ष), किशोर कुमार पिता अमर सिंह निषाद (23 वर्ष), किशन पिता संपत्ति निषाद (21 वर्ष), जयकुमार पिता चित्रा सिंह निषाद (24 वर्ष), राजू यादव पिता अमित यादव (23 वर्ष), पीयूष दीवान पिता राजेश दीवान (18 वर्ष), सभी निवासी बमनिधिही चौकी भंवरपुर थाना बसना जिला महासमुंद, से पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपियों ने नल-जल योजना में लगे लोहे के पाइप चोरी कर उन्हें पत्थर से तोड़ने और कबाड़ के रूप में बेचने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने सागपाली निवासी गणपत मिर्धा पिता स्वर्गीय विदेशी राम मिर्धा (44 वर्ष) तथा खगेश मिर्धा पिता घासी राम मिर्धा (24 वर्ष) से पूछताछ की, जिनके कब्जे से चोरी किए गए पाइप के टुकड़े बरामद किए गए। पुलिस ने कुल 4 नग लोहे के पाइप, कीमत 50 हजार रुपये, जब्त किए।
आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(E) तथा लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत अपराध दर्ज कर सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
बहरहाल, सरकारी योजनाओं की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के लिए यह कार्रवाई साफ चेतावनी है कि जनता के संसाधनों पर हाथ डालने वालों को कानून के शिकंजे से बचना मुश्किल है।

