बिलासपुर 3 जून (आरएनएस) जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में एक नाबालिग चोरी की एक्टिवा चलाते हुए पुलिस के हत्थे चढ़ गया। सरकंडा पुलिस की नियमित वाहन चेकिंग के दौरान सामने आए इस मामले ने सभी को चौंका दिया। एक सामान्य जांच ने न सिर्फ चोरी की गुत्थी सुलझाई, बल्कि यह भी उजागर कर दिया कि वाहन चोरी की वारदात में एक विधि से संघर्षरत बालक शामिल था।
घटना बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र की है। बी.आर. यादव नगर बहतराई निवासी संगीता साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 24 मई 2026 की रात श्रीधाम कॉलोनी स्थित निर्माणाधीन मकान के पोर्च से उनकी सफेद रंग की एक्टिवा क्रमांक CG 10 NB 4622 चोरी हो गई थी। घटना के बाद पुलिस लगातार वाहन की तलाश में जुटी हुई थी।
इसी बीच 2 जून को सरकंडा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष वाहन चेकिंग अभियान के दौरान एक सफेद एक्टिवा पर सवार नाबालिग को रोका गया। पुलिस ने जब उससे वाहन के दस्तावेज मांगे तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। शक गहराने पर पुलिस ने वाहन के रजिस्ट्रेशन, इंजन और चेसिस नंबर की जांच की। जांच में पता चला कि यह वही एक्टिवा है जिसकी चोरी की रिपोर्ट कुछ दिन पहले दर्ज हुई थी।
पूछताछ में नाबालिग ने एक्टिवा चोरी करना स्वीकार कर लिया। कानून के अनुसार उसकी पहचान गोपनीय रखी गई है। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की एक्टिवा बरामद कर जब्त कर ली और आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि यह मामला सिर्फ एक चोरी का खुलासा नहीं, बल्कि युवाओं और किशोरों के अपराध की ओर बढ़ते कदमों पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है।

