सिरसा 4 जून (आरएनएस)। एडीसी अर्पित संगल ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम निर्धारित समयावधि में संचालित किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी बनाना है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो सके।
अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल वीरवार को स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर तहसीलदार चुनाव हनुमान दास भी मौजूद रहे।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि जिले के 996 मतदान केंद्रों पर 996 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की नियुक्ति की गई है जिनके माध्यम से मतदाताओं की पहचान और विवरण के सत्यापन का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सिरसा जिले के कुल 10,05,598 मतदाताओं में से 8,13,583 मतदाताओं का सत्यापन किया जा चुका है, जबकि 1,92,015 मतदाताओं का सत्यापन शेष है। जिले में अब तक 80.91 प्रतिशत सत्यापन कार्य पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि यह अभियान अपात्र, मृत अथवा स्थानांतरित व्यक्तियों के नामों को हटाकर पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने की वैधानिक प्रक्रिया है। हरियाणा में इस पुनरीक्षण कार्यक्रम के लिए 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित किया गया है। जिन नागरिकों की आयु 1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष या उससे अधिक हो जाएगी, वे भी मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकेंगे।
एडीसी अर्पित संगल ने बताया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 5 जून से 14 जून तक अधिकारियों एवं कर्मचारियों का प्रशिक्षण और तैयारियां पूरी की जाएंगी। इसके बाद 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाएंगे। उन्होंने बताया कि घर-घर सत्यापन अभियान के दौरान बीएलओ प्रत्येक परिवार से संपर्क करेंगे। परिवार का कोई भी जिम्मेदार सदस्य घर के सभी सदस्यों की सही जानकारी उपलब्ध करा सकता है। यदि परिवार का कोई सदस्य स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरित हो गया है अथवा उसकी मृत्यु हो चुकी है, तो उसकी सही जानकारी बीएलओ को अवश्य दें, ताकि मतदाता सूची को शुद्ध बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि मतदान केंद्रों का पुर्नगठन कार्य 14 जुलाई तक पूरा किया जाएगा। 21 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी, जबकि 21 जुलाई से 20 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इनके निपटान की प्रक्रिया 18 सितंबर तक चलेगी और 22 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिनका नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची के साथ लिंक नहीं है, उनमें से एक जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाता को केवल स्वयं का एक दस्तावेज देना होगा। एक जुलाई 1987 से दो दिसंबर 2004 तक जन्मे व्यक्ति को अपना एक दस्तावेज व माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज देना होगा। दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति को अपना एक दस्तावेज तथा माता एवं पिता दोनों का एक-एक दस्तावेज देना होगा।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि इस बार आयोग द्वारा एन्यूमरेशन फॉर्म लागू किया गया है, जिसमें मतदाता की नवीनतम रंगीन फोटो लगाने का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि मतदाता ऑनलाइन माध्यम से भी यह जांच सकते हैं कि उनका नाम मतदाता सूची में है या नहीं। किसी भी सहायता या शिकायत के लिए सीधे अपने क्षेत्र के बीएलओ, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें।
उन्होंने राजनीतिक दलों से प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल एजेंट पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में दर्ज प्रविष्टियों की जांच करने तथा मृत एवं स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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