सिरसा 4 जून (आरएनएस)। अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल की अध्यक्षता में वीरवार को लघु सचिवालय में पीएनडीटी एक्ट तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों द्वारा जिले में लिंगानुपात सुधार एवं कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि प्रत्येक गर्भवती महिला का रिकॉर्ड समय पर उपलब्ध हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर भ्रूण जांच किए जाने की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाए तथा ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि पीएनडीटी एक्ट के तहत भ्रूण हत्या पर अंकुश के लिए रेड बढ़ाई जाए, साथ ही आमजन को जागरूक करने के लिए अधिक से अधिक प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल से कार्य करते हुए लिंग जांच करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही अमल में लाए। समय-समय पर अल्ट्रासाउंड केंद्रों व संदिग्ध स्थानों पर निरीक्षण भी करें और कोई भी लापरवाही मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें।
अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को अवैध रूप से मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (एमटीपी) दवाओं की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दवा विक्रेताओं, स्वास्थ्य संस्थानों तथा संबंधित एजेंसियों पर नियमित निगरानी रखी जाए ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए। समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता से ही सकारात्मक सोच विकसित की जा सकती है तथा लिंगानुपात में और सुधार लाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने बैठक में अधिकारियों से अभियान के तहत चल रही गतिविधियों की जानकारी ली गई तथा भविष्य की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सरकार की योजनाओं एवं जागरूकता अभियानों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. पवन, उप सिविल सर्जन डॉ. राजेश चौधरी, पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. संजय कुमार, विभिन्न खंडों के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ), महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी सुरजीता, महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर मौजूद रही।
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