?5 लाख के बदले वसूल लिए ?11 लाख, फिर भी मांग रहे ?8 लाख, परिवार को जान से मारने की धमकी
सुलतानपुर 4 जून (आरएनएस )। अवैध सूदखोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को कर्ज के ऐसे जाल में फंसाया गया कि मूलधन से दोगुने से भी ज्यादा रकम चुकाने के बावजूद उसकी मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। सूदखोरी का यह खेल अब खुलेआम गरीब और मजबूर लोगों की जिंदगी तबाह करने लगा है, लेकिन प्रशासन की सख्ती अब तक केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रही है।
कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के इमिलियाकला निवासी शिवबहादुर यादव ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उन्होंने 18 जनवरी 2022 को सिरवारा रोड निवासी संजय सिंह से 6 प्रतिशत ब्याज पर ?5 लाख उधार लिए थे। हैरानी की बात यह है कि कर्ज देते समय ही आरोपी ने ?50 हजार एडवांस ब्याज के नाम पर काट लिए। यानी गरीब आदमी की मजबूरी का सौदा उसी दिन शुरू हो गया था। पीडि़त का कहना है कि वह अब तक बैंक खाते और नकद के जरिए कुल ?11,35,000 चुका चुका है, जो मूलधन से दोगुने से भी अधिक है। लेकिन इसके बावजूद आरोपी का लालच कम नहीं हुआ और अब वह ?8 लाख की अतिरिक्त मांग कर रहा है। पैसे न देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। आरोप है कि 9 अप्रैल को आरोपी पीडि़त के घर पहुंचा और परिवार के सामने धमकी दी। इतना ही नहीं, 26 मई को एक भंडारे के कार्यक्रम में भी आरोपी ने सार्वजनिक रूप से पीडि़त को अपमानित किया। पीडि़त ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने जबरन दो हस्ताक्षरित चेक और एक सादे स्टांप पेपर पर दस्तखत कराकर अपने कब्जे में रख लिए हैं।
अब सवाल यह है कि आखिर कब तक सूदखोर गरीबों की मजबूरी को अपना धंधा बनाते रहेंगे। क्या प्रशासन केवल शिकायतें लेने तक सीमित रहेगा या ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई भी होगी? गांव और कस्बों में सक्रिय सूदखोर आज कानून से ज्यादा खौफनाक बन चुके हैं। जरूरत है कि पुलिस और प्रशासन ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई करे, ताकि कोई और परिवार इस कर्ज और खौफ के दलदल में न धकेला जाए। फिलहाल पीडि़त परिवार दहशत में है और न्याय की उम्मीद लगाए पुलिस प्रशासन की ओर देख रहा है।
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