लखनऊ 4 जून (आरएनएस ):समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चित्रकूट में व्याप्त गंभीर जल संकट को लेकर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पानी के लिए तरसते बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की दयनीय स्थिति देखकर भाजपा के विकास के दावों की वास्तविकता सामने आ गई है।अखिलेश यादव ने कहा कि जनता आज यह सवाल कर रही है कि जब पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा ही उपलब्ध नहीं है तो वर्ष 2047 के ‘विकसित भारतÓ के सपनों का क्या अर्थ रह जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में ‘जल जीवन मिशनÓ केवल कागजों और टंकियों तक सीमित रह गया है, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।उन्होंने कहा कि सरकार के दावों के विपरीत कई स्थानों पर पानी की टंकियाँ या तो खराब पड़ी हैं या उनका संचालन सुचारु नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है और बजट का दुरुपयोग किया गया है।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कहीं पानी की टंकियां खराब हैं तो कहीं पुलों और सड़कों की स्थिति जर्जर हो रही है, जो शासन की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नदियों की सफाई और संरक्षण के नाम पर भी जनता को केवल आश्वासन मिला है, जबकि वास्तविक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।अखिलेश यादव ने कहा कि नदियों में प्रदूषण और शहरों के नालों का पानी सीधे नदियों में जाने से स्थिति और गंभीर हो रही है। उन्होंने गोमती नदी का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछली सरकार में गोमती रिवर फ्रंट जैसी परियोजनाओं के माध्यम से नदियों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण का प्रयास किया गया था, जबकि वर्तमान सरकार इन व्यवस्थाओं को बनाए रखने में असफल रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार विकास के मुद्दे पर पूरी तरह विफल है और जनता के हितों की अनदेखी कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास की जगह केवल वादों और घोषणाओं का दौर चल रहा है, जबकि जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।
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