लखनऊ 4 जून (आरएनएस ):कमिश्नरेट लखनऊ की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (्र॥ञ्ज) को गुमशुदा बच्चों की तलाश और मानव तस्करी की रोकथाम के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। थाना गुड़म्बा में पंजीकृत मु0अ0सं0-300/2025, धारा 137(2) बीएनएस से संबंधित 12 वर्षीय बालक को लगभग 10 माह बाद नई दिल्ली के चांदनी चौक क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया गया है।जानकारी के अनुसार, दिनांक 01 अगस्त 2025 को बालक के घर से लापता होने पर उसके पिता छोटू शुक्ला, निवासी कुर्सी रोड मिश्रपुर रोड डिपो, गुड़म्बा, लखनऊ द्वारा थाना गुड़म्बा में तहरीर दी गई थी, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच के बाद विवेचना को एएचटीयू को स्थानांतरित किया गया, जिसके बाद से ही टीम लगातार तकनीकी विश्लेषण, सर्विलांस, मानव स्रोतों और विभिन्न राज्यों से समन्वय के माध्यम से बालक की तलाश में जुटी हुई थी।लगातार प्रयासों के बीच दिनांक 03 जून 2026 को बालक द्वारा एक अज्ञात मोबाइल नंबर से अपने पिता को कॉल कर दिल्ली में होने की जानकारी दी गई। इस सूचना के बाद एएचटीयू टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सर्विलांस सेल की सहायता से मोबाइल की लाइव लोकेशन ट्रेस की, जो नई दिल्ली के चांदनी चौक क्षेत्र में पाई गई।सूचना मिलते ही एएचटीयू के उपनिरीक्षक अनिल कुमार कुशवाहा एवं उपनिरीक्षक गुलाब सिंह तत्काल नई दिल्ली रवाना हुए और स्थानीय स्तर पर गहन खोजबीन के बाद बालक को चांदनी चौक स्थित एक टेंट हाउस से सकुशल बरामद कर लिया गया।पुलिस पूछताछ में बालक ने बताया कि घर में अपनी बहन से टीवी रिमोट को लेकर हुए विवाद के बाद वह नाराज होकर घर से निकल गया था। इसके बाद वह विभिन्न साधनों से दिल्ली पहुंचा और वहां एक टेंट हाउस में काम करने लगा। बालक ने स्पष्ट किया कि उसके साथ किसी प्रकार की मानव तस्करी या आपराधिक घटना नहीं हुई, लेकिन डर के कारण वह घर वापस नहीं लौट रहा था।बरामदगी के बाद बालक का बयान दर्ज कर आवश्यक चिकित्सकीय और वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। साथ ही उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया भी प्रचलित है।इस संबंध में अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) कमिश्नरेट लखनऊ, किरण यादव ने बताया कि एएचटीयू द्वारा तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल ट्रैकिंग और मानव सूचना तंत्र के माध्यम से लगातार प्रभावी कार्य किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप कई मामलों में सफलता मिली है।उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी यूनिट द्वारा लंबे समय से गुमशुदा बच्चों और किशोरियों की सकुशल बरामदगी कर परिजनों से मिलाने का कार्य किया गया है। वर्तमान मामला भी टीम की दक्षता, संवेदनशीलता और सतत निगरानी प्रणाली का एक उदाहरण है।अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को मानव तस्करी, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति गिरोह या अन्य किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो वह 7839861034 पर गोपनीय रूप से सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।पुलिस टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई को गुमशुदा बच्चों की खोज में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली है।
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