लखनऊ 4 जून (आरएनएस ):थाना मोहनलालगंज क्षेत्र में दो नाबालिग बालिकाओं के अपहरण एवं मानव तस्करी के गंभीर मामले का खुलासा करते हुए लखनऊ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने न सिर्फ दोनों बालिकाओं को सकुशल बरामद किया है, बल्कि इस मामले में सक्रिय अंतरजनपदीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।जानकारी के अनुसार, दिनांक 12 मई 2026 को वादिनी कमलेशा, निवासी ग्राम गनियार, थाना मोहनलालगंज, लखनऊ द्वारा सूचना दी गई थी कि उनकी नाबालिग नातिनें, जिनकी उम्र लगभग 16 वर्ष और 12 वर्ष है, को उनके ही रिश्तेदार एक बाल अपचारी द्वारा अपनी सहयोगी प्रिया पटेल निवासी भदोखर, थाना राही, जनपद रायबरेली के साथ मिलकर बहला-फुसलाकर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। इस सूचना के आधार पर थाना मोहनलालगंज में मु0अ0सं0-175/2026, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देश पर चार पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिनमें एक टीम को सादे वस्त्रों में लगाया गया। पुलिस टीमों ने तकनीकी और मैनुअल जांच के साथ लगभग 150 सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया और लगातार सर्विलांस की मदद से सुराग जुटाए।लगातार प्रयासों के बाद दिनांक 18 मई 2026 को दोनों नाबालिग बालिकाओं को सकुशल बरामद कर लिया गया। बरामदगी के बाद दर्ज बयान में खुलासा हुआ कि उन्हें एक संगठित गिरोह द्वारा शादी के नाम पर बेचने की नियत से राजस्थान के कोटा क्षेत्र ले जाया जा रहा था।जांच में सामने आया कि इस पूरे गिरोह में मुख्य भूमिका प्रिया पटेल उर्फ शीला, उसके साथी अनुराग यादव तथा अन्य सहयोगियों की थी, जिन्होंने बालिकाओं को घुमाने-फिराने और अच्छे कपड़े दिलाने का लालच देकर बहला-फुसलाया। इसके बाद उन्हें रायबरेली ले जाया गया और वहां से राजस्थान भेजने की तैयारी की जा रही थी, जहां कथित रूप से पैसे लेकर बालिकाओं की शादी कराई जाती थी।पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए दिनांक 03 जून 2026 को अतरौली क्रॉसिंग के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें अनुराग यादव, अख्तर, प्रिया पटेल उर्फ शीला और एक बाल अपचारी शामिल हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो चार पहिया वाहन भी बरामद किए हैं।गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में एक संगठित मानव तस्करी गिरोह का खुलासा हुआ है, जो कमजोर और असहाय बालिकाओं को निशाना बनाकर उन्हें बहला-फुसलाकर अन्य राज्यों में बेचने का कार्य करता था। इस गिरोह का नेटवर्क रायबरेली और राजस्थान तक फैला हुआ बताया जा रहा है।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह की मुख्य अभियुक्ता प्रिया पटेल उर्फ शीला अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ऐसी बालिकाओं की पहचान करती थी जिनके माता-पिता नहीं होते या जो आर्थिक रूप से कमजोर होती थीं, ताकि वे आसानी से शिकायत न कर सकें। इसके बाद उन्हें लालच देकर और फर्जी रिश्तों का झांसा देकर ले जाया जाता था।पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह इससे पहले भी इसी तरह की दो बालिकाओं को राजस्थान में कथित रूप से बेच चुका है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है और अन्य संभावित पीडि़तों की तलाश भी की जा रही है।लखनऊ पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है तथा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है। वहीं, पुलिस द्वारा इस अंतरजनपदीय मानव तस्करी गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।
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