देहरादून,04 जून(आरएनएस)। पर्यटन नगरी मसूरी के विभिन्न स्थानों पर पहाडिय़ों पर अवैध रूप से मलबा डालने के कारण वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है। इस कारण यह समस्या गंभीर होती जा रही है। मलबा डालने वालों के हौसले इतने बुलंद है कि मलबा डालने के लिए रैलिंग भी तोड़ दी गयी है। मलबा रोड के किनारे भी छोड़ा जा रहा है जिससे दुर्घटना का भी खतरा बढ़ गया है।मसूरी में विभिन्न स्थानों पर पहाडिय़ों से मलबा जंगलों में डाला जा रहा है जिससे वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है। जंगलों में छोटे पौधे तो मलवे से पूरी तरह नष्ट हो रहे है, वहीं बड़े पेड़ चोटिल हो रहे है, जिसके कारण अधिकांश पेड़ सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं।
सबसे अधिक स्थिति कैमल बैक रोड पर खराब हो रही है, जहां लगातार मलबा डाला जा रहा है। बड़ी संख्या में पेड़ों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हालांकि वन विभाग समय समय पर अभियान चलाता है व मलबा डालने वाले वाहनों को पकड़ा भी जाता है लेकिन उसके बाद भी मलबा डालने वाले चोरी छिपे मलबा डालने से बाज नहीं आ रहे। एसीएफ डा. उदय गौड़ ने कहा कि वन विभाग की टीम लगातार मलबा फेंकने वालों पर नजर रखती है, लेकिन उनका पता नहीं चल पाता कि वे कब मलवा डाल देते हैं। कई बार पकड़ में आ जाते हैं हाल ही में बार्लोगंज क्षेत्र में दो मलवा डालने वाले पकड़े गए। उन्होंने कहा कि कैमल बैक रोड पर वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है, ताकि ऐसे अवैध मलबा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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