लखनऊ 5 जून (आरएनएस ): उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न न्यायालयों में राज्य सरकार की ओर से पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ताओं की रिटेनरशिप एवं बहस फीस में वृद्धि किए जाने के निर्णय का अधिवक्ता समुदाय ने स्वागत किया है। अधिवक्ताओं ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।अधिवक्ताओं की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यायालयों में राज्य के हितों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने की आवश्यकता को गंभीरता से समझते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उनके नेतृत्व में प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा रिटेनरशिप एवं बहस फीस में की गई वृद्धि अधिवक्ता समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांगों की पूर्ति है।अधिवक्ताओं ने कहा कि यह निर्णय केवल आर्थिक सुधार का विषय नहीं है, बल्कि यह न्यायिक व्यवस्था को अधिक सक्षम, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न्यायालयों में राज्य सरकार के मामलों की गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध पैरवी को और अधिक मजबूती मिलेगी।उन्होंने बताया कि इस निर्णय का लाभ जनपद न्यायालयों में कार्यरत जिला शासकीय अधिवक्ता, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता, उप जिला शासकीय अधिवक्ता, नामित अधिवक्ता, विशेष अधिवक्ता एवं न्याय मित्रों के साथ-साथ उच्च न्यायालय इलाहाबाद, लखनऊ खंडपीठ तथा उच्चतम न्यायालय में कार्यरत महाधिवक्ता, अपर महाधिवक्ता, मुख्य स्थायी अधिवक्ता, स्थायी अधिवक्ता, शासकीय अधिवक्ता, ब्रीफ होल्डर, एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड तथा अन्य पैनल अधिवक्ताओं को मिलेगा।अधिवक्ताओं ने कहा कि बदलते न्यायिक परिदृश्य, बढ़ते मुकदमों का दबाव और जटिल विधिक विषयों को देखते हुए पारिश्रमिक संरचना में संशोधन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। विशेष रूप से जनपद स्तर के अधिवक्ताओं की फीस में लगभग 10 वर्ष तथा महाधिवक्ता स्तर पर लगभग 14 वर्ष बाद संशोधन किया जाना सरकार की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता को दर्शाता है।उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा समयानुकूल पुनरीक्षण की अवधारणा को स्वीकार करते हुए रिटेनरशिप एवं प्रति सुनवाई फीस में लगभग 50 प्रतिशत तक की वृद्धि का निर्णय अधिवक्ताओं के मनोबल को बढ़ाने वाला है। इससे राज्य के महत्वपूर्ण मामलों की पैरवी और अधिक प्रभावी होगी तथा न्यायालयों में सरकार का पक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया जा सकेगा।अंत में अधिवक्ता समुदाय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय राज्य हितों की रक्षा, सुशासन की मजबूती तथा न्यायिक प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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