विकासनगर,05 जून(आरएनएस)। उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने एग्नेस कुंजे सोसायटी की ओर से संचालित होप होम सिंहनीवाला का निरीक्षण कर संस्थान की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण एक बालिका से संबंधित प्राप्त शिकायत के आधार पर किया गया। प्राप्त शिकायत में उल्लेख किया गया था कि संस्थान में निवासरत एक बालिका, जिसे पूर्व में अपने परिवार से मिलने या घर जाने में कोई आपत्ति नहीं थी, वर्तमान में परिवार के पास जाने से इनकार कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने इसका संज्ञान लेते हुए स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डॉ. गीता खन्ना ने संस्थान में रह रही बालिकाओं से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, देखभाल, पारिवारिक संपर्क और अन्य आवश्यक सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बालिकाओं की भावनात्मक स्थिति तथा परिवार से उनके संबंधों पर भी विस्तार से चर्चा की। इस दौरान डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि बच्चों का अपने परिवार, संस्कृति और सामाजिक परिवेश से जुड़ाव उनके समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह समझना जरूरी है कि यदि कोई बच्चा अपने परिवार से दूरी बना रहा है तो उसके पीछे के कारणों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि किसी संस्था या अन्य कारणों से बच्चों और उनके परिवारों के बीच अनावश्यक दूरी उत्पन्न हो रही है तो आयोग आवश्यक कार्रवाई करेगा। आयोग अध्यक्ष ने संस्थान के अभिलेखों और व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया तथा संस्थान प्रबंधन को सभी आवश्यक दस्तावेज और अभिलेख आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच की जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकार, सुरक्षा, पारिवारिक संरक्षण और कल्याण से जुड़े मामलों में आयोग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है और किसी भी शिकायत पर पारदर्शी एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) के अधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
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