-2.16 करोड़ से विकास कार्य तेज, जल संरक्षण और सौंदर्यीकरण को मिलेगा बढ़ावा
-अमृत मिशन योजना के तहत पलिया शाहबदी तालाब बनेगा आकर्षक पर्यटन एवं जनसुविधा केंद्र
-घाट, उद्यान, प्रवेश द्वार और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था से सुसज्जित होगा तालाब परिसर
-अयोध्या नगर निगम की पहल से पलिया शाहबदी तालाब को मिलेगी नई पहचान
अयोध्या,06 जून(आरएनएस)। पावन नगरी अयोध्या में जल संरक्षण और सौंदर्यीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अमृत मिशन योजना के अंतर्गत अयोध्या नगर निगम द्वारा पलिया शाहबदी तालाब के विकास कार्य को गति दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप यह प्रोजेक्ट जल संचयन, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास को नई ऊंचाई प्रदान करेगा। प्रस्तावित विकास कार्य के तहत तालाब परिसर को आकर्षक पर्यटन एवं जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। कुल 2.16 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत से यह परियोजना अमृत 2.0 फंडिंग के सहयोग से चल रही है। कार्य की शुरुआत 15 मार्च 2024 को हुई थी। वर्तमान में कार्य प्रगति 40 प्रतिशत पहुंच चुकी है। विकास कार्य में उच्च गुणवत्ता वाले टाइल्स मार्ग, घाट निर्माण, पौधरोपण एवं उद्यान विकास, प्रवेश द्वार, शौचालय ब्लॉक, पेयजल व्यवस्था, बार्डरी वॉल, फेंसिंग/सीमांकन, स्टोन पिचिंग और रिटेनिंग वॉल का निर्माण शामिल है। इसके अलावा रेलिंग, ड्रेनेज व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, पाथवे लाइट और हाईमास्ट लाइट भी लगाई जाएंगी। रिटेनिंग वॉल और ड्रेनेज सिस्टम से तालाब क्षेत्र को बाढ़ जैसी स्थिति से सुरक्षा मिलेगी तथा पर्यावरण संतुलन बना रहेगा।
अयोध्या नगर निगम के इस पहल से स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालु और पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। तालाब का क्षेत्र न केवल जल संरक्षण का केंद्र बनेगा बल्कि सौंदर्यीकरण के बाद एक आदर्श जनसुविधा स्थल के रूप में पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के प्रयासों का यह हिस्सा है। अमृत मिशन के तहत शहर के जल स्रोतों को संरक्षित करने और उन्हें पर्यटन योग्य बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पलिया शाहबदी तालाब का विकास इस दिशा में एक ठोस कदम साबित होगा।
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। रिटेनिंग वॉल और ड्रेनेज का कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है। शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है। इस परियोजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। पर्यटन बढऩे से आसपास के छोटे व्यवसायियों, दुकानदारों और गाइडों को लाभ होगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से तालाब क्षेत्र में पौधरोपण से हरे-भरे उद्यान का विकास होगा, जो शहरवासियों के लिए सांस लेने की जगह बनेगा। तालाब का कायाकल्प न केवल जल संरक्षण को मजबूत करेगा बल्कि रामनगरी की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय धरोहर को संवर्धित भी करेगा।
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