दुर्ग,07 जून (आरएनएस)। थाना पाटन पुलिस ने कृषि भूमि विक्रय में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने सेना में पदस्थ सगे भाई के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को प्रस्तुत कर संयुक्त स्वामित्व वाली कृषि भूमि का विक्रय कर दिया था।पुलिस के अनुसार, ग्राम कुम्हली निवासी प्रार्थी ने थाना पाटन में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके बड़े भाई ने भारतीय सेना में पदस्थ अपने सगे भाई की जगह किसी अन्य व्यक्ति को प्रस्तुत कर संयुक्त नाम की कृषि भूमि बेच दी। मामले की शिकायत पर थाना पाटन में वर्ष 2023 में अपराध क्रमांक 42/2023 के तहत धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी एवं 34 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।विवेचना के दौरान आरोपी की संलिप्तता प्रमाणित होने के बाद पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था। थाना पाटन पुलिस ने तकनीकी जानकारी और मुखबिर सूचना के आधार पर 07 जून 2026 को घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपी की पहचान ईश्वर दास (60 वर्ष) निवासी वार्ड क्रमांक 10, साईं मंदिर रोड, महादेवघाट, थाना डीडी नगर, जिला रायपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने अवैध आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से वास्तविक सह-स्वामी के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को प्रस्तुत कर भूमि का विक्रय कराया था। मामले से संबंधित दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य पुलिस द्वारा पहले ही संकलित किए जा चुके हैं।पाटन पुलिस की इस कार्रवाई को भूमि संबंधी धोखाधड़ी के मामलों में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि भूमि या अन्य संपत्ति के क्रय-विक्रय से पहले संबंधित दस्तावेजों, स्वामित्व अभिलेखों और पहचान संबंधी जानकारी का पूरी तरह सत्यापन अवश्य करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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