बिलासपुर, 07 जून (आरएनएस)। यातायात पुलिस बिलासपुर द्वारा एनसीसी एवं स्काउट गाइड के कैडेट्स के लिए सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में 600 से अधिक कैडेट्स को सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई और उन्हें यातायात पुलिस का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया।
कार्यक्रम का आयोजन गुरु घासीदास विद्यालय बिलासपुर के रजत जयंती सभाकक्ष में किया गया। यह प्रशिक्षण पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के दिशा-निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।
कार्यशाला के दौरान कैडेट्स को आईटीएमएस, नेक्स्ट जेन एम परिवहन, पीओएस मशीन तथा बॉडी वार्न कैमरा जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से यातायात पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्यवाही की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें सड़क सुरक्षा के महत्व एवं यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता के बारे में विस्तार से समझाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक प्रभावित युवा वर्ग है, इसलिए युवाओं को विशेष रूप से जागरूक करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं सार्वजनिक संस्थानों में लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि युवा वर्ग में वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों की अनदेखी, स्टंट करना, मोबाइल का उपयोग करना, तेज गति से वाहन चलाना, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना, हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग न करना, तथा मॉडिफाइड साइलेंसर व अमानक लाइटों का प्रयोग जैसी प्रवृत्तियां सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनती हैं। इन सभी विषयों पर विस्तार से जानकारी देकर कैडेट्स को जागरूक किया गया।
इस अवसर पर कर्नल लोकेश देवा, कैप्टन आशीष शर्मा, सूबेदार मेजर देवेश कुमार, सूबेदार बृज कुमार, लेफ्टिनेंट नीतू जौहर, लेफ्टिनेंट बिपिन, मास्टर ट्रेनर सेवानिवृत्त उप निरीक्षक उमाशंकर पांडेय सहित एनसीसी एवं आर्मी स्टाफ तथा बड़ी संख्या में कैडेट्स उपस्थित रहे।
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