हवन से वायुमंडल शुद्ध होने के साथ-साथ मिलता है आत्मिक बल: डा. राधिका
सिरसा 8 जून (आरएनएस)। स्वर्णकार समाज की ओर से आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को हवन यज्ञ व भंडारे के साथ ही समापन हो गया। कथास्थल पर सुबह 9.15 बजे हवन यज्ञ किया गया, जिसमें उपस्थित महानुभावों व श्रद्धालुओं न आहूति डालकर पुण्य कमाया। कथावाचिका डा. राधिका दीदी ने कहा कि हवन से वातावरण एवं वायुमंडल शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है। व्यक्ति में धार्मिक आस्था जागृत होती है। दुगुर्णों की बजाय सद्गुणों के द्वार खुलते हैं। उन्होंने बताया कि भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भव सागर से पार हो जाता है। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। सुबह 11.15 बजे भंडारे का शुभारंभ किया गया। कथावाचिका डा. राधिका दीदी ने कहा कि प्रसाद तीन अक्षर से मिलकर बना है। पहला प्र का अर्थ प्रभु, दूसरा सा का अर्थ साक्षात व तीसरा द का अर्थ होता है दर्शन। जिसे हम सब प्रसाद कहते हैं। मनुष्य शरीर भी भगवान का दिया हुआ सर्वश्रेष्ठ प्रसाद है। इस मौके पर सोनी धर्मशाला के प्रधान सोनू गोरीवाला, तहसील प्रधान गजानंद सोनी सिरसा, लीलाधर सोनी, संजय सोनी, महेंद्र सोनी, राजकुमार सोनी, कृष्ण सोनी, सुरजीत सोनी, बंसीलाल सोनी, सतपाल सोनी, प्रमोद सोनी, रामप्रताप सोनी, मदन सोनी, विकास सोनी, बलवंत सोनी, राजू सोनी, रामकिशन सोनी, मनोज सोनी, काशीराम सोनी, सुखविंद्र सोनी सहित स्वर्णकार समाज के अनेक महानुभाव उपस्थित थे।
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