जौनपुर 9 जून (आरएनएस ) संस्कार भारती जौनपुर द्वारा आयोजित 20 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का समापन समारोह नगर स्थित होली चाइल्ड एकेडमी में संपन्न हुआ। कार्यशाला के दौरान बच्चों को चित्रकला, कथक, लोकगीत, नाट्य कला एवं कंटेम्प्रेरी डांस का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। समापन अवसर पर प्रशिक्षुओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया। चित्रकला प्रशिक्षक कलाविद रविकांत जायसवाल एवं नवीन विश्वकर्मा द्वारा बच्चों को वाटर कलर, पोस्टर कलर, एक्रिलिक कलर, स्टिल लाइफ एवं आर्ट एंड क्राफ्ट का प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह में प्रतिभागियों द्वारा बनाए गए चित्रों एवं क्राफ्ट की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसकी अतिथियों एवं अभिभावकों ने सराहना की।लोकगीत प्रशिक्षक श्रीमती ज्योति सिन्हा एवं उनके प्रशिक्षुओं ने लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। कंटेम्प्रेरी डांस के प्रशिक्षक श्याम राव द्वारा प्रशिक्षित बच्चों ने “मां की ममता” एवं “भूत मंडली” नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। नाट्य प्रशिक्षण के प्रशिक्षक अवधेश श्रीवास्तव के निर्देशन में प्रशिक्षुओं ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति देकर सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।कथक प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रशिक्षुओं ने सरस्वती वंदना, तिहाई ताल, हस्तक, नमस्कार, तोड़ा, सादा तोड़ा, चक्करदार तोड़ा, चक्करदार तिहाई, गद्यांश, “ऐ गिरिनंदिनी”, “महिषासुर मर्दिनी” तथा महाभारत के द्रौपदी चीरहरण प्रसंग का प्रभावशाली मंचन प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों में तबले पर अवधेश यादव एवं हारमोनियम पर शिवा जी ने अपनी उत्कृष्ट संगत से कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाया।मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी (भू एवं राजस्व) अजय अम्बष्ट ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं बच्चों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मकता एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रमोद श्रीवास्तव, डॉ. क्षितिज शर्मा एवं डॉ. आलोक यादव ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान करते हैं तथा समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करते हैं। संचालन आलोक रंजन सिन्हा एवं मयंक नारायण ने संयुक्त रूप से किया।
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