—- जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संभावित बाढ़, अतिवृष्ट, हीट वेव, सुखा से बचाव, राहत कार्य के प्रबंधन हेतु स्टेरिंग ग्रुप,जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में आपदा तैयारियों की विस्तृत समीक्षा कर दिया आवश्यक दिशा निर्देश।
कुशीनगर, 09 जून (आरएनएस)। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जनपद में संभावित बाढ़ आपदा की तैयारियों के दृष्टिगत संबंधित समस्त विभागों के साथ एक आवश्यक बैठक कर बाढ़ सुरक्षा एवं राहत कार्यों की तैयारियो की गहन समीक्षा कर सभी कार्यों को समय बद्ध एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने का निर्देश दिया।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने बाढ़ सुरक्षा एवं राहत कार्यों की तैयारियों की गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि तहसील खड्डा एवं तमकुहीराज के बाढ़ प्रभावित ग्रामों में आगामी 20 जून तक अनिवार्य रूप से बाढ़ चौपालों का आयोजन किया जाए। इन चौपालों की फोटोग्राफ्स सहित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए तथा ग्रामीणों द्वारा उठाई गई समस्याओं एवं सुझावों पर की गई कार्यवाही का पृथक विवरण भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने पूर्व में बाढ़ प्रभावित ग्रामों में वितरित किए गए सोलर उपकरणों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा किए जाने पर बल देते हुए उनकी कार्यशीलता एवं उपयोगिता की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिया। राहत सामग्री की उपलब्धता के संबंध में अवगत कराया गया कि ई-टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, जिसका टेंडर 22 जून को खोला जाएगा। इस प्रक्रिया को समयबद्ध एवं पारदर्शी रूप से संपन्न करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, बाढ़ खण्ड को निर्देशित किया कि तटबंधों पर चल रहे समस्त मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य किसी भी दशा में 20 जून तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिए जाएं तथा कार्य पूर्णता की तिथि में किसी प्रकार का विस्तार स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने सभी बाढ़ प्रभावित ग्रामों में प्रत्येक परिवार से एक सदस्य को जोड़ते हुए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाने के निर्देश दिया। जिससे आपदा की स्थिति में त्वरित सूचना एवं समन्वय स्थापित किया जा सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से गंभीर रोगियों, टीबी मरीजों एवं अन्य संवेदनशील व्यक्तियों का सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि एंटी वेनम टीके की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चारे एवं भूसा की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं एवं टीका करण करने के निर्देश दिया। इसके साथ ही जर्जर भवनों के चिन्हांकन के साथ-साथ संबंधित प्रमाणन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण की जाए। लोक निर्माण विभाग को अतिसंवेदनशील मार्गों की मरम्मत एवं हेलीपैड चिन्हांकन, विद्युत विभाग को जर्जर तारों/खंभों के परिवर्तन, शिक्षा विभाग को संवेदनशील विद्यालयों के वैकल्पिक संचालन, एवं पंचायतीराज/नगर निकाय को पेयजल, स्वच्छता एवं संसाधन सूचीकरण के निर्देश दिए गए। नालों की सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता सिंचाई एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्य करने के निर्देश दिया। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनसुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिया। बैठक में बाढ़ खण्ड, सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य, पुलिस, पशुपालन, विद्युत, लोक निर्माण, पंचायतीराज, कृषि, शिक्षा, नगर निकाय, आपूर्ति, परिवहन एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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