लखनऊ 10 जून (आरएनएस )। देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के विरोध में आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई एएसएपी (एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स) ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। जीपीओ स्थित कार्यालय के निकट आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र विंग के प्रदेश महासचिव अनित रावत ने किया। इस दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार, पेपर लीक की घटनाओं और कथित परीक्षा माफियाओं पर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि लगातार हो रही परीक्षा अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी उन्हें स्वीकार करनी चाहिए।प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अनित रावत ने कहा कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक यह साबित करते हैं कि केंद्र और राज्य सरकारें परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने में विफल रही हैं। उन्होंने कहा कि जब देश की प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण परीक्षाएं बार-बार लीक हो रही हों तो संबंधित जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 की दरोगा भर्ती परीक्षा से शुरू हुआ पेपर लीक का सिलसिला आज तक नहीं थमा है। उन्होंने कहा कि दरोगा भर्ती, नलकूप चालक भर्ती, ग्राम विकास अधिकारी भर्ती, यूपीपीसीएल जूनियर इंजीनियर परीक्षा, लोअर सबोर्डिनेट परीक्षा, यूपीटीईटी, राजस्व लेखपाल भर्ती, पुलिस कांस्टेबल भर्ती और समीक्षा अधिकारी परीक्षा सहित कई महत्वपूर्ण भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाएं अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं, जिससे छात्रों का विश्वास कमजोर हुआ है।अनित रावत ने यह भी आरोप लगाया कि जिन एजेंसियों पर पहले अनियमितताओं के आरोप लगे थे, उन्हें दोबारा परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी सौंपना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “परीक्षा पर चर्चा” कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब लाखों छात्र परीक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं और लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, तब केंद्र सरकार को इस विषय पर स्पष्ट नीति और ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश का युवा यह जानना चाहता है कि उसके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों ने वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षाओं में भाग लिया, जबकि अभिभावकों ने भी अपने बच्चों की शिक्षा पर भारी खर्च किया। ऐसे में पेपर लीक की घटनाएं केवल परीक्षा प्रणाली पर सवाल नहीं खड़े करतीं, बल्कि युवाओं के सपनों और मेहनत को भी प्रभावित करती हैं। उन्होंने छात्रों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।अनित रावत ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक राजनीतिक दल का नहीं बल्कि छात्रों और युवाओं के भविष्य का आंदोलन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि परीक्षा व्यवस्था में सुधार, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित नहीं की गई तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर और तेज किया जाएगा।प्रदर्शन के दौरान छात्र विंग और पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष अरुण वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष अंशुल यादव, आशीष मौर्य, कौशल शर्मा, निलेश चतुर्वेदी, आकाश वर्मा, चंद्रजीत यादव, आकाश सिंह, करण कश्यप, फिरोज, राजीव, पारुष श्रीवास्तव, गुलफाम, नीरज गुप्ता, अमन सोनी सहित बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा को लेकर अपनी मांगें जोरदार तरीके से उठाईं।
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