अब कहा- रामभद्राचार्य के शिष्यों के दबाव में फर्जी एफआईआर करवाई, साजिश में कई अफसर शामिल
प्रयागराज 10 जून (आरएनएस )। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दो बटुकों से यौन शोषण का केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज अपने आरोपों से पीछे हट गए हैं। उन्होंने मंगलवार को फेसबुक पर एक वीडियो जारी कर कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास ने दबाव बनाकर उनसे अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि उन्हें गुमराह कर इस मामले में शामिल किया गया। साजिश में कुछ अधिकारी भी शामिल थे। उनके पास इससे जुड़े सबूत और वॉट्सएप चैट मौजूद हैं। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करेंगे और बताएंगे कि उन्हें इस विवाद में क्यों और कैसे शामिल किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके गुरु जगद्?गुरु रामभद्राचार्य को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसके लिए रामचंद्र दास जिम्मेदार होंगे।
आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने रामचंद्र दास पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि रामचंद्र दास उनका गुरु भाई है, लेकिन वह कुकर्मी, ढोंगी और फ्रॉड है। यह उनका दुर्भाग्य है कि वह उसके संपर्क में आए।
आशुतोष ने कहा कि वह जगद्?गुरु रामभद्राचार्य का सम्मान करते हैं और जीवनभर करते रहेंगे, लेकिन उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। उन्होंने दावा किया कि रामचंद्र दास ने फर्जी वसीयत बनाकर श्री देव बाबा जी आश्रम पर कब्जा किया है। इस मामले में उन्होंने मथुरा एसएसपी को शिकायत भेजी है। आशुतोष का कहना है कि अगर पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं करती है तो वह कोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने कहा कि वह सत्य की लड़ाई लड़ेंगे और जैसे अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी, वैसे ही रामचंद्र दास के खिलाफ भी अदालत में लड़ेंगे।
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