लखनऊ 11 जून (आरएनएस ) बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में शिक्षकों को डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन शिक्षण प्रणालियों से जोडऩे के उद्देश्य से एक ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन (सीईसी) तथा इलेक्ट्रॉनिक मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर (ईएमआरसी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।कार्यशाला का आयोजन डिजिटल शिक्षा, मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज (एमओओसी) तथा उच्च शिक्षा में विभिन्न हितधारकों की बढ़ती भूमिका को ध्यान में रखते हुए किया गया। सीईसी द्वारा वर्ष 2026 के लिए प्रारंभ किए गए आउटरीच कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल शिक्षण की नवीन अवधारणाओं से परिचित कराना तथा सीईसी की विभिन्न पहलों के प्रति जागरूकता और सहभागिता बढ़ाना रहा।कार्यक्रम में बताया गया कि यह पहल एमओओसी पाठ्यक्रमों और अन्य डिजिटल शिक्षण कार्यक्रमों के व्यापक प्रसार, नामांकन में वृद्धि तथा शैक्षणिक संस्थानों और शिक्षकों के बीच सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही इससे उच्च शिक्षा में तकनीक आधारित शिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।कार्यशाला के दौरान कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन की ओर से एमओओसी कार्यक्रमों और उनकी कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसके बाद ईएमआरसी लखनऊ के निदेशक प्रो. गोपाल सिंह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डिजिटल शिक्षा के महत्व, ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की उपयोगिता तथा उच्च शिक्षा में तकनीकी नवाचारों की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।वक्ताओं ने बताया कि कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा स्थापित अंतर-विश्वविद्यालय केंद्रों में से एक है, जिसकी स्थापना उच्च शिक्षा की आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से की गई थी। अपने 20 मीडिया केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से सीईसी स्वयं (स्ङ्ख्रङ्घ्ररू) मंच पर एमओओसी पाठ्यक्रमों के विकास और डीटीएच चैनलों के लिए शैक्षिक सामग्री तैयार करने का कार्य कर रहा है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाया जा सके।कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने सक्रिय रूप से भाग लेते हुए एमओओसी पाठ्यक्रमों की निर्माण प्रक्रिया, अध्ययन सामग्री तैयार करने की कार्यप्रणाली तथा जुलाई और दिसंबर सत्रों के लिए प्रस्तावित ऑनलाइन पाठ्यक्रमों से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने शिक्षकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें डिजिटल शिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।कार्यशाला का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों से जोडऩे और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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