लखनऊ 11 जून (आरएनएस )। उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली आपूर्ति से जुड़ी सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य के सभी प्रमुख विद्युत निगमों और उनसे संबंधित संस्थाओं में अगले छह माह तक हड़ताल पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में ऊर्जा विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर उत्तर प्रदेश आवश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा), 1966 के तहत कार्रवाई की गई है।ऊर्जा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि जनहित में विद्युत सेवाओं का निरंतर संचालन आवश्यक और समीचीन है। इसी के मद्देनजर राज्यपाल की ओर से एस्मा अधिनियम की धारा-3(1) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए गजट में आदेश प्रकाशित होने की तिथि से छह माह की अवधि तक हड़ताल पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।यह प्रतिबंध उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल), उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड, उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड, कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (केस्को), मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड तथा यूपी रिन्यूएबल एंड ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की सभी सेवाओं पर लागू होगा।अधिसूचना के अनुसार आदेश के गजट में प्रकाशन के साथ ही संबंधित सभी संस्थानों में किसी भी प्रकार की हड़ताल प्रतिबंधित मानी जाएगी। सरकार का मानना है कि विद्युत सेवाएं आम जनता, उद्योगों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों तथा अन्य आवश्यक सेवाओं के संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इन सेवाओं में किसी प्रकार का व्यवधान जनहित के प्रतिकूल होगा।ऊर्जा विभाग ने इस आदेश की प्रतियां सभी विद्युत निगमों के अध्यक्षों, प्रबंध निदेशकों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, श्रमायुक्त तथा संबंधित विभागों को भेज दी हैं। साथ ही व्यापक जनजागरूकता के लिए सूचना विभाग को भी आदेश का विशेष प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।यूपीपीसीएल मुख्यालय की ओर से भी इस अधिसूचना को सभी मुख्य अभियंताओं, महाप्रबंधकों, कार्मिक अधिकारियों तथा श्रमिक एवं सेवा संघों को अनुपालन हेतु प्रेषित किया गया है। निगम प्रशासन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को शासन के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।सरकार के इस निर्णय को विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आदेश के तहत आगामी छह माह तक बिजली क्षेत्र से जुड़े इन सभी संस्थानों में हड़ताल पर पूर्ण प्रतिबंध प्रभावी रहेगा।
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