सुकमा,11 जून (आरएनएस)।नीति आयोग एवं जिला प्रशासन सुकमा के संयुक्त प्रयासों से जिले में संचालित साक्षरता अभियान लगातार सकारात्मक परिणाम दे रहा है। आकांक्षी जिला सुकमा के चिन्हांकित ग्राम पंचायतों, पुनर्वास केंद्र, जिला जेल तथा विभिन्न विकासखंडों में स्थापित 30 मॉडल लिटरेसी सेंटरों के माध्यम से शिक्षा से वंचित नागरिकों को साक्षर बनाने का कार्य किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य असाक्षर प्रौढ़ों को अक्षर ज्ञान, अंक ज्ञान तथा पढऩे-लिखने में आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त करना है। कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में संचालित इस जनहितकारी पहल की समीक्षा के लिए आज बीआरसी कार्यालय सुकमा में सभी सार्थक दूतों की बैठक आयोजित की गई। पीपीआईए फेलो अकर्जा कुठियाला के निर्देशन में आयोजित बैठक में जिलेभर के सार्थक दूत उपस्थित रहे। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.आर. मंडावी ने जिले में चल रहे साक्षरता कार्यक्रम की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली तथा जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किए जा रहे कला जत्था दल की प्रस्तुति एवं तैयारियों का अवलोकन किया। साक्षरता अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों एवं सार्थक दूतों को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित भी किया गया। कलेक्टर अमित कुमार ने बीपीओ सुकमा पूरन नवरत्न सहित दो सार्थक दूतों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। जिला प्रशासन का यह प्रयास न केवल शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ा रहा है, बल्कि समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़कर सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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