0-राज्यसभा नामांकन रद्दीकरण को दी थी चुनौती
नईदिल्ली,12 जून(आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने याचिका को सुनवाई योग्य नहीं माना और उन्हें जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत दायर चुनाव याचिका में इस चुनौती को उठाने की स्वतंत्रता दी। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने अनुच्छेद 329 के तहत संवैधानिक रोक का हवाला देते हुए अपनी रिट क्षेत्राधिकार का प्रयोग करने से इनकार कर दिया।
कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा, यह व्याख्या कि अगर कोर्ट नामांकन पत्र खारिज होने पर हस्तक्षेप कर सकता है, जबकि अन्य लोगों को चुनाव याचिका दायर करने की अनुमति दी जाए, तो यह उचित नहीं है। इस स्थिति में हम ऐसा करने के इच्छुक नहीं हैं और अत: याचिका खारिज करते हैं। कोर्ट ने कहा कि एक बार किसी उम्मीदवार का नामांकन रिटर्निंग अधिकारी द्वारा खारिज कर दिए जाने के बाद, उचित उपाय चुनाव आयोग से संपर्क करना है।
नटराजन के वकील ने तर्क दिया कि रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने 9 जून को नटराजन का नामांकन इस आधार पर खारिज कर दिया कि उन्होंने अपने फॉर्म 26 हलफनामे में तेलंगाना की एक अदालत में उनके खिलाफ दायर एक निजी शिकायत का खुलासा नहीं किया, जबकि उन्हें इस संबंध में समन प्राप्त हुआ था। पीठ ने सवाल उठाया कि क्या अदालत चुनावी प्रक्रिया के इस चरण में हस्तक्षेप कर सकती है और कोर्ट ने इस पर उदाहरण भी मांगा।
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