तिरुनेलवेली,12 जून(आरएनएस)। तमिलनाडु में तिरुनेलवेली पॉक्सो कोर्ट ने एक पादरी को सात साल जेल की सजा सुनाई है. उसे सात साल की बच्ची का यौन उत्पीडऩ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
तिरुनेलवेली जिले के वल्लियूर इलाके के रहने वाला 59 साल का सेल्वराज वडक्कनकुलम के एक ईसाई चर्च में पादरी था. फरवरी 2020 में, सात साल की एक बच्ची अपने माता-पिता के साथ प्रार्थना के लिए चर्च गई थी, इस दौरान पादरी ने उसका यौन उत्पीडऩ किया.
पीडि़ता की मां की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, वल्लियूर ऑल-वुमन पुलिस स्टेशन ने सेल्वराज के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया. उस समय की पुलिस इंस्पेक्टर शांति ने मामले की जांच की और आरोपी पादरी सेल्वराज को गिरफ्तार कर लिया.
ट्रायल तिरुनेलवेली जिला पॉक्सो स्पेशल कोर्ट में चला. ट्रायल खत्म होने पर, सेल्वराज के खिलाफ आरोप बिना किसी शक के साबित हुए. इसलिए, 11 जून को जज सुरेश कुमार ने सेल्वराज को सात साल की जेल की सजा सुनाई और 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया. जज ने पीडि़त को 1 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया.
तिरुनेलवेली जिला पुलिस की कड़ी कोशिशों की वजह से, इस साल अब तक पॉक्सो मामलों में शामिल 12 अपराधियों को सजा दिलाई गई है. खास बात यह है कि इन सजाओं में एक को मौत की सजा और दो को दोषियों की बाकी जिंदगी के लिए उम्रकैद की सज़ा शामिल है.
जिला पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी जारी की है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त और लगातार कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि उनकी सुरक्षा पक्की हो सके.
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