मुंबई 13 June (rns) । शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता आदित्य ठाकरे ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर बगावत का बिगुल फूंकने वाले जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोला है। अपनी पार्टी में हुए पिछले विभाजन का दर्द साझा करते हुए उन्होंने विद्रोहियों को कायर और एहसानफरामोश करार दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति वफादार नहीं रह सके, वे अब दल छोड़कर भाग रहे हैं। ठाकरे ने शुक्रवार को बागी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये लोग पार्टी और ममता दीदी के योगदान को भूल चुके हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली शिकस्त के बाद टीएमसी के विधायकों और सांसदों के एक बड़े धड़े ने बगावत कर दी है और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली तथा सांगठनिक फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
तृणमूल कांग्रेस के भीतर यह अंदरूनी कलह उस समय दिल्ली तक पहुंच गई, जब पार्टी की मुख्य सचेतक काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में लोकसभा के 20 सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को एक औपचारिक पत्र सौंपा। इस पत्र में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को समर्थन देने वाले एक पृथक गुट के रूप में मान्यता देने की मांग की, जिसने संसदीय दल को दो धड़ों में बांट दिया है। इसके साथ ही राज्यसभा के तीन सांसदों ने भी अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया है। संसद से पहले यह विद्रोह बंगाल विधानसभा में भी देखने को मिला था, जहां टीएमसी के कुल 80 विधायकों में से 58 ने आधिकारिक उम्मीदवार शोवनदेब चट्टोपाध्याय का विरोध करते हुए निष्कासित विधायक ऋतब्रता बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपना समर्थन दे दिया

