कोलकाता,13 जून(आरएनएस)। विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर मामले में सीआईडी रविवार को फिर से अभिषेक बनर्जी से पूछताछ कर रही है. तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी तय समय दोपहर 12 बजे से पहले भवानी भवन पहुंचे. उनकी गाड़ी सुबह 11:43 बजे सीआईडी हेडक्वार्टर में घुसी; अंदर जाने से पहले उन्होंने रिसेप्शन पर अटेंडेंस रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए.
विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति से जुड़े एक प्रस्ताव बुक पर कई विधायकों के हस्ताक्षर को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. इस मामले में आज अभिषेक बनर्जी से फिर पूछताछ हो रही है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीआईडी की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के सदस्य टीएमसी सांसद से पूछताछ कर रहे हैं, जिसका नेतृत्व डीआईजी रैंक का एक अधिकारी कर रहा है. आज की पूछताछ का मुख्य उद्देश्य विधायकों के नकली हस्ताक्षर मामले में उनकी भूमिका का पता लगाना है.
साथ ही, इस मामले में पूछताछ के लिए तृणमूल नेता कुणाल घोष को भी सीआईडी हेडक्वार्टर बुलाया गया है. हालांकि, ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, कुणाल घोष अभी तक घर नहीं पहुंचे हैं. जांच अधिकारी उनसे पूछताछ को मामले के लिए अहम मान रहे हैं.
इससे पहले, सीआईडी की एसआईटी के अधिकारी कई विधायकों के घर नोटिस देने और उनसे जालसाजी की घटना के बारे में पूछताछ करने गए थे. उन विधायकों से मिली जानकारी और बयानों को देखने के बाद, जांच अधिकारियों ने यह नतीजा निकाला कि अभिषेक बनर्जी से पूछताछ करनी जरूरी है. इसलिए, डायमंड हार्बर के सांसद को पहले जालसाजी के मामले में भबानी भवन बुलाया गया था. कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, वह दिल्ली से लौटने के बाद गुरुवार, 11 जून को भबानी भवन गए. उस दिन, उनसे लगभग साढ़े छह घंटे तक पूछताछ हुई, जो रात 11:30 बजे तक चली.
सीआईडी सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार की पूछताछ के दौरान अभिषेक बनर्जी कुछ सवालों के जवाब देने से बड़ी चालाकी से बच गए. इनमें सबसे खास सवाल विधायकों के नकली हस्ताक्षर मामले में उनकी खास भूमिका के बारे में था. उन्हें कई और सवालों के बारे में आगे की पूछताछ के लिए रविवार को फिर से सीआईडी हेडक्वार्टर बुलाया गया था. सूत्रों ने इशारा किया है कि आज उनका बयान भी रिकॉर्ड किया जा सकता है.
जांच अधिकारियों का दावा है कि केस के अलग-अलग पहलुओं की जांच करते समय कई जरूरी जानकारी सामने आई है. इन नतीजों के आधार पर, सीआईडी को अभिषेक बनर्जी और कुणाल घोष की भूमिकाओं के बारे में और अधिक जानकारी इक_ा करना जरूरी लगता है.
इससे पहले, सीआईडी अधिकारियों ने जांच के हिस्से के तौर पर कुणाल घोष के घर पर भी तलाशी ली थी; वह ऑपरेशन केस से जुड़े खास डॉक्यूमेंट्स और जानकारी इक_ा करने के लिए किया गया था.
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