भोपाल 15 जून (आरएनएस)।केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आज गोवा में ग्लोबल विंड डे 2026 पर “पवन ऊजार्: महत्वाकांक्षा से तीव्र क्रियान्वयन तक” (ङ्खद्बठ्ठस्र श्वठ्ठद्गह्म्द्द4: स्नह्म्शद्व ्रद्वड्ढद्बह्लद्बशठ्ठ ह्लश ्रष्ष्द्गद्यद्गह्म्ड्डह्लद्बशठ्ठ) विषय पर आयोजित सम्मेलन में मध्यप्रदेश को उभरती नवकरणीय ऊर्जा अवसंरचना उत्कृष्टता (श्वद्वद्गह्म्द्दद्बठ्ठद्द क्रश्व ढ्ढठ्ठद्घह्म्ड्डह्यह्लह्म्ह्वष्ह्लह्वह्म्द्ग श्व&ष्द्गद्यद्यद्गठ्ठष्द्ग) सम्मान प्रदान किया। इस सम्मान को मध्यप्रदेश के ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले ने ग्रहण किया। इस अवसर पर केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक सहित केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, राज्य नोडल एजेंसियों, डिस्कॉम्स (ष्ठढ्ढस्ष्टह्ररूह्य), केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (ष्टक्कस्ह्य), पवन टर्बाइन निर्माताओं, स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों, डेवलपर्स तथा अन्य पारिस्थितिकी तंत्र भागीदारों के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित थे।
?इस सम्मेलन को केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (रूहृक्रश्व), गोवा ऊर्जा विकास एजेंसी (त्रश्वष्ठ्र) के सहयोग और इंडियन विंड टर्बाइन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ढ्ढङ्खञ्जरू्र), विंड इंडिपेंडेंट पॉवर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (ङ्खढ्ढक्कक्क्र) तथा इंडियन विंड पॉवर एसोसिएशन (ढ्ढङ्खक्क्र) के समर्थन से आयोजित किया गया।
सम्मेलन का उद्देश्य अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करना, प्रमुख हितधारकों के बीच प्राथमिकताओं का समन्वय करना तथा भारत की स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन प्रक्रिया के एक रणनीतिक स्तंभ के रूप में पवन ऊर्जा के विकास के अगले चरण पर विचार-विमर्श करना है। सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने, आर्थिक विकास को समर्थन देने व विभिन्न क्षेत्रों में हरित रोजगार सृजन में पवन ऊर्जा की भूमिका पर भी चर्चा की गई।

