भोपाल 17 जून (आरएनएस)। प्रदेशभर में गुम एवं अपहृत बालक-बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबी को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार संवेदनशील, मानवीय एवं परिणामोन्मुखी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत दो दिन में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस टीमों ने तत्परता, सजगता और समर्पण का परिचय देते हुए कई गुम एवं अपहृत बच्चों को सकुशल खोजकर उनके परिजनों से मिलाया। इन सफल कार्रवाइयों ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग—बच्चों की सुरक्षा और परिवारों की खुशियों की संरक्षक भी है।
रीवा-जिले में पुलिस द्वारा विभिन्न थाना क्षेत्रों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए छह नाबालिगों को सकुशल दस्तयाब किया गया। चौकी नौबस्ता थाना चोरहटा पुलिस ने अपहरण के दो अलग-अलग प्रकरणों में अपहृत बालिकाओं को खोजकर उनके माता-पिता के सुपुर्द किया। वहीं सिटी कोतवाली पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में दर्ज प्रकरणों की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमें गठित कर मात्र 24 घंटे के भीतर तीन नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया। इसी प्रकार थाना विश्वविद्यालय पुलिस ने घर से लापता हुए 15 वर्षीय बालक की तलाश कर उसे 24 घंटे के भीतर सुरक्षित खोज निकाला तथा परिजनों से मिलाया।
खरगोन-जिले के थाना सनावद क्षेत्र में 11 वर्षीय बालक के गुम होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए व्यापक खोज अभियान प्रारंभ किया। संभावित स्थानों पर तलाश, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण तथा स्थानीय स्तर पर सतत पूछताछ के माध्यम से महत्वपूर्ण सुराग प्राप्त किए गए। पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए बालक को बड़वाह-सनावद क्षेत्र के खेड़ी घाट से सकुशल दस्तयाब किया। बालक के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली तथा पुलिस टीम के मानवीय प्रयासों की सराहना की।
धार-थाना पीथमपुर क्षेत्र में खेलते-खेलते घर से दूर चली गई तीन मासूम बालिकाओं के संबंध में सूचना प्राप्त होते ही पुलिस ने विशेष टीम गठित कर सघन तलाश अभियान संचालित किया। पुलिस द्वारा क्षेत्र के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, कॉलोनियों एवं संभावित स्थानों पर खोजबीन की गई। त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप तीनों बालिकाओं को सुरक्षित दस्?तयाब कर उनके माता-पिता के सुपुर्द किया गया। समय रहते की गई कार्रवाई से संभावित अप्रिय स्थिति को टालने में सफलता मिली।
गुना-थाना म्याना क्षेत्र में घर से बिना बताए चले गए 14 वर्षीय बालक के संबंध में सूचना प्राप्त होते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल तलाश प्रारंभ की। स्थानीय लोगों से पूछताछ तथा सुनियोजित प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस टीम ने मात्र छह घंटे के भीतर बालक को सकुशल दस्?तयाब कर परिजनों से मिलाया।
भोपाल-थाना शाहजहाँनाबाद क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग बालिका के घर से लापता होने की सूचना प्राप्त होने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की। बालिका की माता द्वारा अज्ञात व्यक्ति द्वारा अपहरण किए जाने की आशंका व्यक्त किए जाने पर पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय करते हुए विशेष टीम गठित की और संभावित स्थानों पर तलाश शुरू की। सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस टीम ने नाबालिग बालिका को भोपाल रेलवे स्टेशन से सकुशल दस्तयाब किया। पूछताछ में बालिका द्वारा बताया गया कि वह माँ की डांट से नाराज होकर बिना बताए घर से चली गई थी। आवश्यक वैधानिक कार्यवाही उपरांत बालिका को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
मुरैना-थाना सिविल लाइन पुलिस ने त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई का परिचय देते हुए गुमशुदा नाबालिग बालिका को मात्र 06 घंटे के भीतर सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस टीम ने तत्काल खोजबीन प्रारंभ की तथा तकनीकी एवं स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयासों के आधार पर बालिका को जौरा क्षेत्र से सुरक्षित बरामद किया।
देवास-‘ऑपरेशन मुस्कानÓ के तहत पुलिस ने अपहृत नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी हेतु विशेष अभियान चलाते हुए उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। विगत 24 घंटों के दौरान पुलिस टीमों ने दो अपहृत नाबालिग बालिकाओं को सीहोर जिले के आष्टा तथा धार जिले के पीथमपुर क्षेत्र से सकुशल खोज निकाला। दोनों बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई ये सफल कार्रवाइयाँ मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता तथा बच्चों की सुरक्षा के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। गुम एवं अपहृत बच्चों की शीघ्र दस्तयाबी के लिए प्रदेशभर में विशेष प्रयास लगातार जारी हैं। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से भी अपील करती है कि किसी भी बालक या बालिका के गुम होने, भटक जाने अथवा संदिग्ध परिस्थिति की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर दें, ताकि समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

