सीतापुर 18 जून (आरएनएस)। तीर्थनगरी नैमिषारण्य में गुरुवार तड़के करीब तीन बजे भीषण आग लगने से तीन अस्थाई दुकानें जलकर पूरी तरह राख हो गईं। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते तीनों दुकानें इसकी चपेट में आ गईं और लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। जानकारी के अनुसार ललिता देवी मंदिर से चक्रतीर्थ मार्ग पर स्थित अस्थाई दुकानों में अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटों की तीव्रता के आगे उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए। अग्निकांड में सरोज पुत्र तुलसीदास की परचून की दुकान, कौशल पुत्र तुलसीदास की चूड़ी-कंगन की दुकान तथा अतीश सैनी पुत्र शिवराम की बर्तन एवं घरेलू सामान की दुकान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। दुकानदारों के अनुसार दुकानों में पूजा सामग्री, चूड़ी-कंगन, रेडीमेड सामान, बर्तन समेत बड़ी मात्रा में व्यापारिक सामग्री रखी हुई थी, जो आग की भेंट चढ़ गई। पीडि़त दुकानदारों ने बताया कि इन छोटी दुकानों के सहारे ही उनके परिवारों का भरण-पोषण होता था। एक ही रात में उनकी वर्षों की मेहनत और रोजी-रोटी का साधन समाप्त हो गया। आग से हुए नुकसान के बाद प्रभावित परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। स्थानीय लोग शॉर्ट सर्किट की आशंका जता रहे हैं, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा। पीडि़तों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता, मुआवजा और पुनर्वास की मांग करते हुए शीघ्र राहत उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। गनीमत रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन तीन परिवारों की आजीविका जरूर आग की भेंट चढ़ गई।
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