देहरादून 19 जून (आरएनएस)। विभिन्न जन संगठनों और विपक्षी दलों के नेताओं ने बैरागीवाला में हुई हत्या के बाद भड़की हिंसा, आगजनी और आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाए जाने का विरोध किया है। संगठनों ने गांधी पार्क के मुख्य गेट पर एकत्र होकर सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। शुक्रवार को गांधी पार्क पर एकत्र वक्ताओं ने कहा कि हत्या के आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, लेकिन उसकी आड़ में बेकसूर लोगों के घरों व गाडिय़ों में तोडफ़ोड़, पथराव और आगजनी करने वाले उपद्रवी तत्वों को भी तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरोला, उत्तरकाशी और नैनीताल के बाद अब देहरादून में भी एक खास हिंसक षड्यंत्र के तहत कुछ संगठनों को खुली छूट दी गई है, जो कानून को हाथ में ले रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाकर आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाना पूरी तरह गैर-कानूनी है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि बैरागीवाला में पलायन कर चुके परिवारों को वापस लाकर क्षेत्र में शांति व सौहार्द कायम किया जाए। कहा कि बिना अदालती आदेश के बुलडोजर चलाने वाले अधिकारियों और हिंसा भड़काने वाले संगठनों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो। धरने में कांग्रेस नेता नेता संजय शर्मा, सुजाता पॉल, याकूब सिद्दीकी, भाकपा के समर भंडारी, माकपा के राजेंद्र पुरोहित, शिव प्रसाद देवली, इंद्रेश मैखुरी, सपा के राष्ट्रीय सचिव डॉ. सत्यनारायण सचान, उत्तराखंड महिला मंच से कमला पंत व विमला कोहली, सर्वोदय मंडल के हरबीर सिंह कुशवाहा, उत्तराखंड इंसानियत मंच के त्रिलोचन भट्ट, हरी ओम पाली, चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल, सुनीता देवी, पप्पू, संजय, शैलेश आदि मौजूद रहे।
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