देहरादून 19 जून (आरएनएस)। आईसीएआर-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान(आईआईएसडब्ल्यूसी) देहरादून ने राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान-2026Ó के तहत कालसी ब्लॉक के फटेऊ गांव में शुक्रवार को ग्राम प्रधान सम्मेलन एवं किसान गोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय उप-योजना(टीएसपी) के अंतर्गत संतुलित उर्वरक उपयोग और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को बढ़ावा देना था। सम्मेलन में 32 ग्राम प्रधानों सहित 79 किसानों को वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रमन जीत सिंह ने मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा जैविक खाद, कम्पोस्ट, बायो-फर्टिलाइजर और वेस्ट डीकंपोजर के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि खेती कार्य के दौरान जन स्वास्थ्य को देखते हुए उर्वरकों का सही मात्रा में प्रयोग आना जरुरी है।
तकनीकी अधिकारियों ने मृदा एवं जल संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती के लाभों की जानकारी दी। कार्यक्रम में किसानों, जनप्रतिनिधियों और वैज्ञानिकों ने टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की। अंत में आईसीएआर-भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान, लुधियाना द्वारा उपलब्ध कराई गई मक्के की एलक्यूएमएच-1 किस्म के प्रदर्शन का निरीक्षण किया गया।
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