इंटक वेल का जलस्तर गिरने से कुछ समय बाधित रही पेयजल आपूर्ति, अब व्यवस्था हुई सुचारू_
उगली 19 जून (आरएनएस)। भीषण गर्मी और मानसून पूर्व जल संकट के बीच बैनगंगा नदी का जलस्तर घटने से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना प्रभावित हो गई। केवलारी विधानसभा क्षेत्र की उप तहसील उगली एवं पंचायत छपारा क्षेत्र की 32 ग्राम पंचायतों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए संचालित परियोजना के अंतर्गत ग्राम भरवेली स्थित निर्माणाधीन इंटक वेल में पानी की कमी आ गई थी।
रियान वॉटर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित इस परियोजना के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1912 में निर्मित ढूटी बांध जलाशय के गेट खोले जाने से बैनगंगा नदी का जलस्तर अचानक नीचे चला गया, जिससे नदी का एक हिस्सा सूख गया और इंटक वेल तक पानी की आपूर्ति बाधित हो गई। इसके कारण एक-दो दिनों तक कुछ गांवों में पेयजल सप्लाई प्रभावित रही।
परियोजना के असिस्टेंट मैनेजर सोयंग प्रकाश ने बताया कि मजदूरों एवं जेसीबी मशीनों की सहायता से वैकल्पिक व्यवस्था कर नदी में जलस्तर संतुलित करने का प्रयास किया गया। वर्तमान में सभी प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति पुन: सुचारू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत उगली क्षेत्र में कुल 24 पानी की टंकियों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें से 20 टंकियां पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि सारसडोल, रुमाल, सोनखार और नेवरगांव में शेष चार टंकियों का निर्माण कार्य जारी है। आगामी एक-दो माह में इनका निर्माण भी पूरा होने की संभावना है।
पत्रकारों ने संरडी गांव स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया। यहां लैब असिस्टेंट भारतेंदु त्रिवेदी ने बताया कि बैनगंगा नदी से प्राप्त पानी को प्लांट में लाकर ब्लीचिंग पाउडर, फिटकरी एवं अन्य आवश्यक रासायनिक प्रक्रियाओं से शुद्ध किया जाता है, जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है।
करीब आठ वर्षों से निर्माणाधीन यह करोड़ों रुपये की केंद्रीय जल आयोग मिशन की महत्वपूर्ण परियोजना पूर्ण होने के बाद उगली, पंचायत छपारा एवं सरेखा क्षेत्र के ग्रामीणों को स्थायी रूप से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि योजना पूरी तरह शुरू होने के बाद क्षेत्र में पेयजल संकट की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
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