प्रयागराज में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री, योग साधकों को किया सम्मानित
प्रयागराज, लखनऊ (आरएनएस ) । उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में योग आज वैश्विक जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर चुका है और भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच पर नई प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है।12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रयागराज के पावन त्रिवेणी संगम तट पर आयोजित भव्य योग कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए उप मुख्यमंत्री ने योगाभ्यास किया तथा उत्कृष्ट योगदान देने वाले योग साधकों और नागरिकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प और डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप योग आज जन-जन के जीवन का हिस्सा बनता जा रहा है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए आह्वान के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता मिली और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है। यह भारत की योग परंपरा की वैश्विक स्वीकार्यता और उसकी प्रभावशीलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे योग, ध्यान और नियमित व्यायाम को अपनाकर स्वस्थ, ऊर्जावान और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने “पहला सुख निरोगी काया” का जो संदेश दिया था, योग उसी दर्शन को जीवन में उतारने का माध्यम है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और शरीर के प्रति सजगता ही एक स्वस्थ समाज की मजबूत नींव है।केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में भारत ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। प्रयागराज इसका सशक्त उदाहरण है, जहां हाल ही में आयोजित महाकुंभ में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाई। यह आयोजन भारत की आध्यात्मिक शक्ति, सांस्कृतिक वैभव और संगठन क्षमता का अद्भुत प्रतीक बनकर उभरा।उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद प्रयागराज सहित पूरे प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिली है। आधारभूत संरचना, पर्यटन, धार्मिक स्थलों के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रयागराज को विकास, पर्यटन और आध्यात्मिक चेतना के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
उप मुख्यमंत्री ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर तथा विंध्य धाम सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दी है। साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि हुई है।पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि योग हमें प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाता है। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने नागरिकों से पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की देखभाल का भी संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि “वन है तो जीवन है और जल है तो कल है”, इसलिए पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना आवश्यक है।उन्होंने स्वच्छता को जीवन का संस्कार बनाने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री के “स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत” और “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित प्रयागराज के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक नागरिक को सक्रिय भागीदारी निभानी होगी।कार्यक्रम में भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, सांसद प्रवीण पटेल, विधायक गुरु प्रसाद मौर्य, विधायक दीपक पटेल, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी, विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पत्रकार तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। योगाभ्यास के साथ कार्यक्रम का समापन स्वस्थ और निरोग समाज के संकल्प के साथ हुआ।
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