स्वच्छकार समाज की समस्याओं पर चिंतन शिविर में बोले विधान परिषद सदस्य, आउटसोर्स निगम गठन और सामाजिक सशक्तिकरण पर दिया जोर
लखनऊ 21 जून (आरएनएस )। उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य तथा प्रदेश सरकार की अनुसूचित जाति एवं जनजाति आपदा राहत समिति के सभापति डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि अनुसूचित जाति आरक्षण का वर्गीकरण वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज के सबसे वंचित और हाशिये पर खड़े स्वच्छकार समाज को उसके अधिकार और अवसर सुनिश्चित किए जाने चाहिए। इसके लिए सरकार स्तर पर ठोस पहल आवश्यक है और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इस दिशा में गंभीर प्रयास किए जाएंगे।उद्यान निदेशालय के प्रेक्षागृह में सामाजिक सरोकार फाउंडेशन और अखिल भारतीय स्वच्छकार महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “स्वच्छकार समाज की समस्याएं और उनके निराकरण” विषयक चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए डॉ. निर्मल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वच्छकार समाज की चुनौतियों और आवश्यकताओं से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार इस वर्ग के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी।उन्होंने कहा कि प्रदेश में आउटसोर्स कर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रस्तावित आउटसोर्स निगम का गठन सितंबर अथवा अक्टूबर 2026 तक होने की संभावना है। निगम के गठन के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन और सेवा संबंधी विसंगतियों को दूर करने में सहायता मिलेगी तथा उनके हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।डॉ. निर्मल ने स्वच्छकार समाज के युवाओं से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज के युवा भारतीय प्रशासनिक सेवा, प्रांतीय सिविल सेवा तथा अन्य उच्च पदों पर पहुंचकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज का गौरव बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सोच समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की है और सरकार हाशिये के समाज को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने बताया कि कौशल विकास मिशन के माध्यम से तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे स्वच्छकार समाज के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोडऩे के लिए अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के साथ समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही अनुसूचित जाति आरक्षण के वर्गीकरण के मुद्दे पर स्वच्छकार समाज की विभिन्न बिरादरियों को एक मंच पर लाकर एक साझा समूह बनाने और उसकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।चिंतन शिविर के दौरान अमेरिका के बाल्टीमोर स्थित जान हॉपकिंस विश्वविद्यालय में न्यूरो साइंस के वैज्ञानिक डॉ. बच्चूलाल तथा उनकी पत्नी सुमित्रा देवी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने इसे स्वच्छकार समाज के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताते हुए शिक्षा और संघर्ष के माध्यम से नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का संदेश दिया।कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक और विधिक क्षेत्रों से जुड़े वक्ताओं ने समाज के उत्थान, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और राजनीतिक भागीदारी जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए शिक्षा, संगठन और जागरूकता को प्राथमिकता देनी होगी।इस अवसर पर भाजपा के युवा नेता डॉ. राहुल वाल्मीकि, सामाजिक कार्यकर्ता रचना चंद्रा, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व सदस्य राम सिंह वाल्मीकि, वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश विद्यार्थी, वरिष्ठ सफाई कर्मचारी नेता राजेन्द्र वाल्मीकि, जगदीश अटल, आकाशवाणी के पूर्व निदेशक पृथ्वीराज चौहान, साहित्यकार पी.एल. भारती, रेनू सिंह, नरेश वाल्मीकि, चंदन वाल्मीकि, रामकुमार बागी, मुन्ना सिंह धानुक, प्रमोद हंस सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी, बुद्धिजीवी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वच्छकार समाज के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।
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