वॉशिंगटन,22 जून। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को एक नई ऊंचाई देने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमीसन ग्रीट इस सप्ताह नई दिल्ली का दौरा कर रहे हैं. इस हाई-लेवल विजिट के दौरान वह भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे. यह बैठकें दोनों देशों के बीच होने वाले अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए बेहद निर्णायक मानी जा रही हैं.
यूएसटीआर द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस व्यापक व्यापार वार्ता की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रम्प और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी, 2025 को की थी. इस यात्रा की रूपरेखा हाल ही में फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान तैयार हुई. वहां पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच हुई द्विपक्षीय मुलाकात में दोनों नेताओं ने व्यापार समझौते की प्रक्रिया में तेजी लाने और इसे जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे.
पिछले सप्ताह भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने एक प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट किया था कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम मुक्त व्यापार समझौता अब अपने आखिरी दौर में पहुंच चुका है. मिस्री ने बताया कि दोनों देशों ने अब तक की वार्ताओं में उल्लेखनीय प्रगति की है. उन्होंने राजदूत जेमीसन ग्रीट की भारत यात्रा को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह यात्रा लंबित मुद्दों को सुलझाने और सहमति बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगी. दोनों देशों का लक्ष्य आपसी शुल्कों को कम करना और एक-दूसरे के बाजारों में आसान पहुंच बनाना है.
भारत में अपनी उच्च-स्तरीय बैठकों को समाप्त करने के बाद, राजदूत जेमीसन ग्रीट उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद के लिए रवाना होंगे. वहां वह उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति मिर्जियोयेव, राष्ट्रपति प्रशासन की प्रमुख सईदा मिर्जियोयेवा और उप-प्रधानमंत्री जमशेद खोदजाएव से मुलाकात करेंगे. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि का मुख्य उद्देश्य इन सभी अंतरराष्ट्रीय बैठकों के माध्यम से अमेरिका के साथ निष्पक्ष, संतुलित और पारस्परिक व्यापार को बढ़ावा देना है. विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इस समझौते से भारत-अमेरिका के आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ेगा.
००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

