नईदिल्ली,22 जून। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 22 जून फिर तेजी देखने को मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई, जिसने ऊर्जा बाजार में फिर अनिश्चितता पैदा कर दी है। बाजार खुलते ही ब्रेंट क्रूड 2.2 प्रतिशत बढ़कर 82.30 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट भी 78 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करने लगा।
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि ट्रंप की चेतावनी के बाद तेहरान ने स्विट्जरलैंड में बातचीत रोक दी है। हालांकि, बातचीत से जुड़े कुछ सूत्रों ने कहा कि वार्ता जारी रही। इसके साथ ही, ईरान ने लेबनान में इजराइल पर संघर्षविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। इन घटनाओं ने तेल आपूर्ति को लेकर निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।
तेल बाजार की नजर होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी बनी हुई है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल है। ईरान ने एक बार फिर इस समुद्री मार्ग को बंद करने की बात कही है। हालांकि, सप्ताहांत में यहां से तेल की आवाजाही सामान्य बनी रही। अमेरिका की ओर से भी चेतावनी दी गई है कि इस मार्ग को बाधित करने की किसी भी कोशिश के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इससे बाजार में सतर्कता और बढ़ गई है।
हाल के हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतों में कुछ गिरावट आई थी, लेकिन मौजूदा तनाव के बाद कीमतों में फिर बढ़ोतरी देखी जा रही है। जानकारों का मानना है कि अब निवेशकों की नजर ईरान-अमेरिका वार्ता से जुड़ी हर नई जानकारी पर रहेगी। बातचीत में प्रगति या तनाव बढऩे के किसी भी संकेत का असर सीधे तेल की कीमतों और बाजार की धारणा पर पड़ सकता है। इससे आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
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