नईदिल्ली,22 जून। देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी राहत भरी घोषणा की है. वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत अब राशन वितरण की पूरी व्यवस्था को बदल दिया गया है. केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा के अनुसार, अब लाभार्थियों को अपना पूरा अनाज एक ही राशन दुकान से लेने की मजबूरी नहीं होगी. नई व्यवस्था के तहत राशन कार्ड धारक अपनी सुविधा के अनुसार देश की किसी भी राशन दुकान से अलग-अलग अनाज का उठाव कर सकते हैं. यानी अब आप एक दुकान से गेहूं और दूसरी दुकान से चावल ले सकेंगे.
सरकार ने इस नई व्यवस्था को बिल्कुल बैंक के एटीएम की तरह लचीला बनाया है. जिस तरह कोई भी व्यक्ति अपनी जरूरत के हिसाब से किसी भी एटीएम से पैसे निकाल सकता है, ठीक उसी तरह अब राशन कार्ड धारक भी देश के किसी भी कोने में स्थित सरकारी गल्ले की दुकान से अपनी पसंद और जरूरत के मुताबिक खाद्यान्न ले सकेंगे. इस कदम से राशन दुकानों पर लगने वाली लंबी कतारों, मशीन में अंगूठा न लगने की तकनीकी दिक्कतों और दुकान में स्टॉक खत्म होने पर खाली हाथ लौटने जैसी समस्याओं से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी.
इस ऐतिहासिक बदलाव का सबसे सीधा और बड़ा लाभ देश के उन लाखों प्रवासी मजदूरों और दिहाड़ी कामगारों को मिलेगा, जो आजीविका के लिए अपने गांव या राज्य को छोड़कर दूसरे शहरों में रहते हैं. अब उन्हें राशन के लिए अपने गृह राज्य या गांव की दुकान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. वे जहां भी काम कर रहे हैं, वहीं के नजदीकी राशन डीलर के पास जाकर केवल अपने आधार कार्ड और बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन) के जरिए अपने हिस्से का मुफ्त या रियायती अनाज प्राप्त कर सकते हैं.
इस व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक कर रही है. देश की सभी राशन दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन को सीधे ई-पॉस मशीनों से जोड़ा जा रहा है, जिससे घटतौली की गुंजाइश खत्म हो जाएगी. साथ ही, मेरा राशन 2.0 मोबाइल ऐप के जरिए लाभार्थी घर बैठे ही अपने बचे हुए राशन के कोटे, नजदीकी दुकान और आधार लिंकिंग की स्थिति की जांच कर सकते हैं. इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए लाभार्थियों का राशन कार्ड आधार से लिंक होना अनिवार्य है.
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