०काउंसिलिंग, कानूनी सहायता और पुलिस समन्वय से आरोपी की हुई गिरफ्तारी
कोण्डागांव,22 जून (आरएनएस)। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर कोण्डागांव ने एक साइबर शोषण से पीडि़त युवती को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हाल ही में केंद्र में दर्ज एक प्रकरण में युवती ने शिकायत की कि एक युवक ने स्वयं को अविवाहित बताकर लगभग एक वर्ष तक उससे संपर्क बनाए रखा और विश्वास में लिया। बाद में युवती को पता चला कि आरोपी पहले से विवाहित है तथा दो बच्चों का पिता है।प्रकरण दर्ज होने के बाद सखी वन स्टॉप सेंटर द्वारा पीडि़ता की नियमित काउंसिलिंग की गई। उसे मानसिक, सामाजिक एवं कानूनी सहयोग प्रदान करते हुए सही मार्गदर्शन दिया गया। केंद्र की टीम ने युवती का मनोबल बढ़ाया तथा उसके परिजनों को भी पूरी घटना से अवगत कराया। इसके पश्चात पुलिस सहायता उपलब्ध कराकर आरोपी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस कार्रवाई में आरोपी की गिरफ्तारी हुई और पीडि़ता को न्याय मिला।उल्लेखनीय है कि कोण्डागांव जिले में 10 मार्च 2017 से संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को आपातकालीन चिकित्सा, कानूनी सहायता, पुलिस सहयोग, काउंसिलिंग, अस्थायी आश्रय एवं संरक्षण की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। केंद्र में अब तक 2065 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 1034 घरेलू हिंसा, 86 प्रेम प्रसंग तथा 99 भटकती (घुमंतू) महिलाओं से संबंधित मामले शामिल हैं। इसके अलावा 795 महिलाओं एवं बालिकाओं को अस्थायी आश्रय प्रदान कर उनके प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। पीडि़त महिलाएं सहायता एवं संरक्षण के लिए टोल फ्री नंबर 181 पर 24 घंटे संपर्क कर सकती हैं।
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